कबीरधाम में कबीर संत समागम में चली राजनीति और दिलों की बात

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा – तीन दिवसीय कबीरधाम जिले के पांडातराई में भव्य सदगुरू कबीर संत समागम समारोह आयोजित किया गया है जिसमे आज दूसरे दिन कबीर को मानने वालों का जनसैलाब उमड़ उठा साथ ही महिला मंडल के द्वारा आज पांडातराई में पांच हजार आमीन माता महिला मंडल द्वारा भव्य कलश यात्रा नगर में निकाली गई साथ ही कबीर गुरु पंथ श्री प्रकाशमुनिनाम साहब से मुलाकात करने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पुत्र सांसद राजनांदगांव लोकसभा अभिषेक सिंह, जिला प्रभारी व वन मंत्री महेश गागड़ा, भाजपा प्रदेश महामंत्री संतोष पांडेय , और जिले के दोनों विधयाक अशोक साहू , मोतीराम चंद्रवंशी के साथ साथ अन्य स्थानीय नेतागणों ने आशीर्वाद प्राप्त किये ।

मगर इस पांडातराई में चल रहा संत समागम में राजनीतिक और दिलों की बात भी खुले आम चल पड़ी अब कवर्धा जिला कबीरधाम छत्तीसगढ़ के मुखिया डॉ. रमन सिंह का गृह नगर है तो कबीर वंशगुरु श्री पंथ प्रकाशमुनिनाम साहब भी कवर्धा ब्लॉक के ग्राम बहरमुड़ा में बचपन से बढ़ते उम्र तक का सफर बिताये है साथ ही कबीर गद्दी गुरु का कहना है कि इसी बीच डॉ. रमन सिंह से अक्सर मुलाकात हुआ करता था साथ ही मैं बड़े भईया समान समझता था समझता हुँ । तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने भी अपने दिल की बात भरी सभा मे रख बताया कि जब मैं 1990 में राजनीति के युग मे कदम रखा था जिस समय मैं पहली बार अपने नगर कवर्धा में वार्ड न.09 का पार्षद हुआ करता था और मैं अक्सर कबीरपंथ गुरु गृद्धमुनिनाम साहब से मुलाकात कर आशीर्वाद और सलाह लेता था और आज भी गृद्धमुनिनाम साहेब द्वारा कही बातें याद है जिसे मैं हमेशा अमल करता हूँ और ध्यान में रखता हूँ साहेब ने कहाँ था कि तुम राजनीति में काम करो और सभी को एक समझकर लेकर अपने साथ चलो इसी बात को याद रखकर मैं इस राजनीति में पार्षद से लेकर सांसद केंद्रीय मंत्री और तीन पाँचवर्षीय छत्तीसगढ़ राज्य का मुखिया बन चुका हुँ और मुख्यमंत्री मंत्री ने अपनी मन और दिल की बात भरी हजारों लाखों कबीरपंथियों की संख्या में बया करते हुए कहाँ की मैं कहीं भी जाता हूँ कबीर साहेब के कार्यक्रम में तो मुझे एक अलग खुशी और लोगों का एक अलग भीड़ नजर आता है और कबीर साहेब का कार्यक्रम देश राज्य और विदेशों में भी देखने को मिलता है साथ ही आज जो समाज मे जातिवाद , झगड़े ,भेदभाव, छुवाछुत, या अन्य कोई भी ईर्षा कबीर साहेब के मन मे नही था बल्कि इस विषय को लेकर कबीर साहब हिन्दू मुस्लिम समुदाय को भी फटकार लगाया करते थे साथ ही हमेशा सभी को एक रखने का प्रयाश किये है और पंथ श्री प्रकाशमुनिनाम साहब मुझे बड़ा भाई समझते है फिर भी मैं उनके पैर छूता हूँ क्योंकि आज वो कबीर साहेब के गद्दी मे विराजमान है और मुख्यमंत्री ने यह भी कहाँ की अगर आज इस दुनिया मे कबीर के मानने वाले जितने ज्यादा होंगे सामाज उतना ही आगे बढ़ेगा और नाही आपसी झगड़े ,भेदभाव, छुवाछुत ,जैसे झगड़े होंगे। और इसी बीच संबंध के चलते सत्ता और राजनीतिक की बात भी चल पड़ी जिसमे कबीर वंशज गुरु श्री प्रकाशमुनिनाम साहब ने सभा मे शामिल सभी कबीर पंथियों से अपील कर कहाँ की डॉ. रमन सिंह को सपोर्ट करता हूँ और आप सभी भी सपोर्ट करियेगा और तब तक सपोर्ट करिये जब तक गुजरात मॉडल के जगह छत्तीसगढ़ राज्य मॉडल नाम पहले नंबर पर सामने ना आ जाये । और इसी मंच पर कबीर पंथ गुरु ने होने वाले 26 मार्च संत समागम बलौदा बाजार में भी आज ही मुख्यमंत्री रमन सिंह को मंच से आमंत्रित कर दिया । तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की भी खिंचाई करते हुए कह दिया कि जो अपने आप में लड़ रहे है आपसी मतभेद और आपस मे एक नही हो पा रहे है वो कैसे राज्य की दिशा उन्नति के ओर ले जा सकते है । यह बात कहते हुए डॉ.रमन सिंह की ओर इशारा कर कबीरपंथियों से अपील करते हुए कह गए आगे और दो पाँच वर्षीय रमन सिंह को यथावत रहने के लिए सपोर्ट करते रहिएगा ।

कुछ सामाजिक तो कुछ अन्य कबीर पंथियों के मन मे भय की उत्पत्ति भी इस संत समागम सभा के माध्यम से हुआ कारण है राजनीति जो कि कुछ कबीरपंथियों का मानना है कि राजनीति सामाजिक स्तर पर ना हो तो समाज परिवार की सही स्थिति बनी रहती है मगर सामाज राजनीति की ओर अग्रसर करता है तो निश्चित ही उस समाज और उस परिवार को आज के इस गंदे राजनीति के चलते मान सम्मान गवाने तक का दंश झेलना पड़ सकता है साथ ही राजनीति के चलते आज भी कइयों ऐसे राजा महाराजा कुशल नेतृत्व वाले व्यक्तियां मौजूद और गवाह है कि राजनीति में आने से कितना फायदा और कितना नुकशान हुआ है और कितने कुछ गंवा दिए ।

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