अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के पचास लाख नागरिकों को मिला मात्रात्मक त्रुटि सुधार से फायदा : डॉ रमन सिंह

०० मुख्यमंत्री ने कहा मात्रात्मक त्रुटि सुधार करवाना मेरी जिंदगी के यादगार दो कार्यों में एक है
०० मुख्यमंत्री सवरा समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए, शबरीगुड़ी के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रूपए की घोषणा  
रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज महासमुंद जिले के सरायपाली के मंडी प्रांगण में सवरा समाज महासम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा राज्य के अनुसूचित जनजातियों और अनुसूचित जातियों के लाखों लोगों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। इसके अनुसार राज्य के 27 अधिसूचित जाति समूहों के 85 उच्चारण विभेदों (फोनेटिक वेल्यूज) को मान्य करने का निर्णय लिया। इनमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के 22 समूहों के 66 उच्चारण विभेद और अनुसूचित जाति के पांच समूहों के 19 उच्चारण विभेद शामिल हैं। इससे अब इन जाति समूहों के लगभग 40 से 50 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। राजस्व अभिलेखों और अन्य अभिलेखों में दर्ज उनके जातियों के नामों में विभिन्न स्थानीय बोलियों के उच्चारण विभेदों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र करना अधिक आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मात्रात्मक त्रुटि को सुधारने का कार्य वैधानिक रूप से संविधान के अनुसार किया गया है। उन्होंने इस कार्य के लिए जहां सवरा समाज तथा अन्य समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी वहीं कहा कि इस कार्य के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव श्रीमती रीना बाबा कंगाले तथा छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राणा ने काफी मेहनत की। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सवरा समाज के लोगों ने भी पूरे धैर्य से शांतिपूर्वक और शालीनता से अपनी बातों को लगातार आगे रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य ने छत्तीसगढ़ का एक नए इतिहास लिखा है और इस कार्य को स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविश्य में जब कभी उनसे मुख्यमंत्री के रूप में उपलब्धियों को पूछा जाएगा तो उनका उत्तर होगा कि छत्तीसगढ़ के 60 लाख लोगों को मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत एक रूपए की दर से चावल उपलब्ध करना तथा छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति और जनजाति के मात्रात्मक त्रुटि को सुधारने का कार्य उनकी सबसी बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरा में आयोजित शहीद वीरनारायण सिंह शहादत दिवस पर उन्होंने समाज के लोगों से कहा था कि मैं उसी दिन आपके समाजिक सम्मेलन में आउंगा जिस दिन मैं मात्रात्मक त्रुटि को सुधरवा लूंगा और आज मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होते हुए बेहद संतोश एवं संतुश्टि हो रही है। वास्तव यह समाज का अधिकार था लेकिन कुछ कारणोंवश इससे वंचित था।
डॉ सिंह ने कहा कि सवरा समाज माता शबरी के आशीर्वाद से सवरा समाज एकजुटता है तथा समाजिक बुराईयों एवं कुरीतियों जैसे नशापान आदि से दूर रहकर ईमानदारी, निश्ठा और सच्चाई को अपनाया हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि यह समाज ने काफी लंबे समय तक समर्पण व धैर्य का परिचय दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में समाज के मेघावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र दिया वहीं अनेक विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने पाटसेंद्री में सड़क निर्माण किए जाने के साथ-साथ सिंघनपुर में शबरी गुड़ी के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रूपए तथा सारंगढ़ में सामाजिक भवन बनाने के लिए 15 लाख रूपए देने की घोशणा की।  इस अवसर पर उडि़शा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरधर गोमांग ने कहा कि मात्रात्मक त्रुटि को सुधार करने का कार्य एक बड़ा कार्य है और ऐसे ही कार्य किए जाने की जरूरत ओडि़शा तथा अन्य राज्यों में भी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वनमंत्री श्री महेश गागड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अनुसूचित जनजाति और जाति वर्ग के लोगों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के हितों के लिए उदारतापूर्वक कार्य किया है। सांसद श्री चंदूलाल साहू ने कहा कि डां रमन सिंह के नेतृत्व में पिछले 14 वर्शों में प्रदेश में काफी विकास कार्य हुए हैं। वर्श 2003 में जहां प्रति व्यक्ति 12 हजार रूपए की आमदानी होती थी वह अब बढ़कर 86 हजार रूपए हो गया है। अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राणा, सरायपाली विधायक श्री रामलाल चौहान ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।  सवरा समाज के प्रांताध्यक्ष श्री एन.पी. नैरोजी ने समाज की ओर से मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सतत एवं लगातार प्रयासों के कारण ही लंबे समय से समाज को हो रही समस्या से मुक्ति मिली है। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, खल्लारी विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, सारंगढ़ विधायक श्री केराबाई मनहर, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री विकास मरकाम, कलेक्टर श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री संतोश कुमार सिंह सहित समाज के अन्य सवरा समाज के गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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