राज्यसभा उम्मीदवार बनने की भाजपा में लगी होड़: कांग्रेस

०० आगामी विधानसभा चुनावों में हार को देखते हुये भगदड़ की स्थिति

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में राज्यसभा उम्मीदवार बनने की होड़ मची हुयी है। दरअसल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी आगामी विधानसभा चुनाव में जो दुर्गति होने वाली है, भाजपा का सफाया होने वाला है और कांग्रेस की जीत होने वाला है, इसका एहसास हो गया है इसलिये सब राज्यसभा जाने का सुरक्षित रास्ता ढूंढ रहे है।

त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा अपने आप को अनुशासित पार्टी कहती है और इस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक को तो इतनी हड़बड़ी थी कि उन्होने बिना पार्टी से अनुमति मिले बिना नाम तय हुये नामांकन फार्म भी खरीद लिया। समाचार पत्रों में आज छपा है, नामांकन फार्म खरीदने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने नामांकन पत्र वापस करने की भी कोशिश की। क्योकि धरमलाल कौशिक लोकसभा के नामांकन खरीदने से पार्टी में उनके प्रतिद्वंदियों में और राज्यसभा टिकट चाह रहे अन्य लोगों में खलबली मच गयी है। इसका प्रदेश भाजपा में व्यापक विरोध हुआ और भाजपा में केन्द्रीय नेतृत्व तक शिकायत की गयी। किसी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अगर नामांकन पत्र खरीदने के बाद वापस करने की जरूरत पड़ रही है तो इससे भाजपा की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी को यह याद रखना चाहिये कि देश की लोकतंत्र के इतिहास में नामांकन वापसी के मामले तो मिलते हैं लेकिन नामांकन फार्म वापस करने का देश के इतिहास में कोई दूसरा मामला नहीं है। लेकिन यह भी कोशिश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक लोकसभा की ओर से की गयी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जैसे बड़े नेता की स्थिति यह है तो इससे भाजपा में मची भगदड़ की स्थिति का पता लगता है। कांग्रेस और राज्यसभा उम्मीदवार कौन होगा यह पूछे जाने पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि हमेशा हर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी होने के बाद अपना घोषणा पत्र जारी करती है। इस बार भाजपा के राज्यसभा चुनावों में नाम पर अंतिम फैसला होने के बाद हम फैसला कर सकते है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल स्पष्ट कर चुके है कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी खड़ा कर सकती है। भाजपा का प्रत्याशी चयन होने के बाद राजनीतिक परिस्थिति वहां बनेगी और अभी जो परिस्थितियां बन रही है उस पर कांग्रेस की नजर है। छत्तीसगढ़ का कांग्रेस के साथ बड़े नेता सतत राष्ट्रीय नेतृत्व के संपर्क मे है। कांग्रेस इसमें पार्टी संविधान के अंदर और पार्टी अनुशासन के अंदर रहकर सही समय पर समुचित कदम उठाया जायेगा।

 

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