रमन सरकार के 15 साल के कार्यकाल के बाद आधी आबादी गरीबी रेखा के नीचे: भूपेश बघेल 

०० छत्तीसगढ़ झुग्गी बस्ती के मामले में बना देश का नंबर 1 राज्य

रायपुर। झुग्गी बस्तियों के आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि रमन सिंह सरकार के 15 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के हिस्से में जहां 47.9 प्रतिशत गरीबी आई और गरीबों के मामले में छत्तीसगढ़ नंबर 1 राज्य बना वहीं झुग्गी बस्ती यानी स्लम के मामले में भी छत्तीसगढ़ पूरे देश में नंबर 1 पर पहुंच गया है। भारत सरकार के नेशनल सर्वे सेंपल में यह बात सामने आयी है। इस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 प्रतिशत लोग झुग्गी में रहते है। यह आंकड़ा पूरे देश में सबसे अधिक है। 15 साल के विकास के रमन सिंह सरकार के तमाम दावों के बावजूद राज्य की आधी आबादी गरीब है और झुग्गियां देश में सबसे ज्यादा है।

‘‘भाजपा जहां विकास वहां’’ के शीर्षक से विधानसभा चुनाव 2013 के घोषणा पत्र में भाजपा ने कहा था कि  शहरों में स्थित झुग्गी बस्ती को उसी स्थान पर चरणबद्ध तरीके से पक्का मकान बनाकर दिया जावेगा।  इसी घोषणा पत्र में यह भी कहा गया था कि ‘‘गरीब एवं निम्न मध्यम वर्ग हेतु आवास की व्यवस्था।’’  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के झुग्गियों में देश के एक नंबर में खड़े होने से भाजपा के घोषणा पत्र में बेघर लोगों से की धोखाधड़ी की कलई खुल गयी है। 15 सालों के रमन सरकार के कार्यकाल में गरीबों की संख्या लगातार बढ़ने का हिसाब देना तो दूर 2013-2018 में 5 सालों में भी भाजपा ने गरीबों से धोखाधड़ी ही की है। जो झुग्गियों की संख्या में देश में छत्तीसगढ़ के एक नंबर होने से स्पष्ट है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार कितना भी खोखले दावे कर लें कि वह पूरे राज्य में 1900 करोड़ रूपये की लागत से 27 हजार मकान बनाने जैसी योजनाओं पर भी काम कर रही है लेकिन इस तरह के मकान बनने से गरीबो के रहने की समस्या कभी दूर नही होगी। सरकार का गृह निर्माण मंडल भी भारी मात्रा में मकान बनाने का दावा तो करता है। जाहिर है ईमानदार कोशिशों से राज्य के माथे पर सर्वाधिक झुग्गी होने का कंलक थोड़ा कम तो होता लेकिन इसे पूरी तरह के खत्म करने के लिये विशेष और दीर्घकालीन कार्ययोजना बना कर दृढ़ इच्छा शक्ति और गरीबों के भले की भावना से काम किये जाने की जरूरत थी। जिसका रमन सरकार में पूरी तरह से अभाव रहा है।जिन्हें लगता है कि देश में सबसे बड़ी बस्ती महाराष्ट्र और मुबंई में है, वहां का आंकड़ा महज 3.7 प्रतिशत है। अगर प्रति एक लाख घरों की बात करें तो यहां महज एक हजार घर झुग्गी है। लेकिन छत्तीसगढ़ में एक लाख लोगों में 18 हजार लोग झुग्गियों में रहते है। सर्वाधिक गरीब होने का दंश झेल रहे छत्तीसगढ़ के हिस्से में सर्वाधिक झुग्गियां है। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत की ओर से जारी की गई है। भाग XXXII सं0 1 और 2 अंक संख्या 103वां की इस 182 पृष्ठ की रिपोर्ट में विस्तार से छत्तीसगढ़ और देश की स्थितियों का वर्णन किया गया है।जिस मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना है, उस प्रदेश में झुग्गी घरों की संख्या केवल 9 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ में झुग्गी घरो का प्रतिशत मध्यप्रदेश से ठीक दुगना है। आंकड़े बताते है कि झुग्गियों में रहने वाले लोगों की आधी से अधिक आबादी देश के पांच राज्यों में ही रहती है। देश की 51 फीसदी झुग्गी बस्ती है। इनमें छत्तीसगढ़ 18 प्रतिशत, उड़ीसा 17 प्रतिशत, झारखंड 14 प्रतिशत, तमिलनाडु 12 प्रतिशत और बिहार 11 प्रतिशत है। पूरे देश की बात करें तो देश में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों में 11.47 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। इसके बाद 10.64 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग है। झुग्गी में रहने वाले में 5.42 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग है। वहीं अन्य जातियों के लोगों की संख्या 1.76 प्रतिशत है।

 

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