भाजपा सरकार में रमन के रिश्तेदार हो रहे है उपकृत: कांग्रेस

०० रमन का पुत्र होने के कारण मधुसूदन की टिकिट काट अभिषेक को दी गयी

रायपुर। कांग्रेस के संगठन चुनावों में परिवारवाद के आरोपों का कड़ा प्रतिवाद करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि कांग्रेस के संगठन के पदों को लेकर इस तरह का आरोप सही नहीं है और कांग्रेस के नेताओं के प्रति दुर्भावना के कारण लगाये गये है। कांग्रेस में जिन नेताओ को पीसीसी डेलीगेट के रूप में जगह मिली है यह उनके पार्टी और संगठन के प्रति निष्ठा और मेहनत के कारण मिली है न कि नेता विशेष के रिस्तेदार होने के कारण इन लोगो ने सम्बंधित ब्लॉकों में कांग्रेस संगठन के लिए कार्य किया है तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इनको चुन कर भेजा है। हकीकत में तो भाजपा और भाजपा की सरकार ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के कुनबे को बढ़ाया है।पिछड़े वर्ग के नेता मधुसूदन यादव की टिकिट काट कर रमन सिंह का पुत्र होने की योग्यता के कारण अभिषेक सिंह को टिकिट दे दिया गया जिनका भाजपा संगठन में कोई योगदान नही था। रमन के समधी आयुष में कुलपति है। दामाद डी.के. अस्पताल में नोडल अधिकारी है। बेटी को अखिल भारतीय डेंटल काउन्सिल ऑफ इंडिया का स्टेट कोटे से सदस्य बनाया गया।

संयुक्त परिवार का ऐसा आदर्श उदाहरण और कहा देखने मिलेगा। जहां मुख्यमंत्री रमन सिंह स्वयं, उनके पुत्र, उनकी पुत्री, उनके दामाद, उनके समधी, उनके समधी जीबी गुप्ता के छोटे भाई, उनके साला, उनके बहनोई, उनके ममेरे भाई, उनके भांजा विभिन्न संगठनों के और खासकर लाभ के पदों पर विराजमान है।यह है कथित राष्ट्रभक्त पार्टी भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा। भाजपा अब बीजेपी नहीं एसडीएस पार्टी (साला दामाद समधी पार्टी) में तब्दील हो गयी है। स्वयं मुख्यमंत्री, बेटा सांसद, समधी कुलपति, दामाद नोडल आफिसर, परिवार के अन्य सदस्य डीन और दीगर सरकारी लाभ के पदों पर। रमन सिंह सरकार बतायें कि आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति चयन के लिये क्या पैमाना था कितने आवेदन आये किन-किन लोगो के आवेदन थे? अन्य आवेदकों के दावों को किस प्रकार खारिज किया गया? चयन समिति के सदस्य कौन-कौन थे किस आधार पर समिति ने चयन किया समिति की बैठक की कार्यवाही सार्वजनिक की जाये। डाॅ. जीबी गुप्ता अच्छे चिकित्सक हो सकते है, शहर के धनीमानी गणमान्य लोगों के राजनेताओं के चिकित्सक हो सकते है, मुख्यमंत्री के समधी तो है ही लेकिन इनमें से कौन सी बात उन्हे आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिये योग्य बनाती है, इसे सार्वजनिक किया जाये। यही बात दीगर लाभ के पदों पर भी लागू होती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के परिवारजनों का नाम लेकर संगठन की नियुक्तियों पर आरोपों का कड़ा प्रतिवाद करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि  सरगुजा में तो सिंहदेव परिवार के एक सदस्य लखनपुर के ब्लाक अध्यक्ष के स्थान पर एक दूसरे काबिल साथी को मौका दिया गया। कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव स्वयं पीसीसी सदस्य भी नहीं बने है। इतने बड़े निर्वाचन सबको स्थान देने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस एक बड़ा परिवार है और सभी कांग्रेसजन साथ है। भाजपा को कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।

 

 

error: Content is protected !!