तृतीय लिंग समुदाय की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कर रही हर संभव प्रयास : रमशीला साहू

०० तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की बैठक, सभी विभागों के आवेदन फार्मों में पुरूष-महिला के साथ तृतीय लिंग का वैकल्पिक कॉलम भी अनिवार्य

०० कल्याण योजनाओं से संबंधित हर विभाग में ट्रांसजेण्डरों की मदद के लिए होगा एक नोडल अधिकारी

रायपुर| समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशिला साहू की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड की चौथी बैठक आयोजित की गयी। श्रीमती साहू ने कहा कि राज्य सरकार तृतीय लिंग समुदाय की समस्याओं से परिचित है और उनके निराकरण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार हर कदम पर उनके साथ है।उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी ठोस पहल की जा रही है।
बैठक में तृतीय लिंग समुदाय के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास, कौशल उन्नयन, रोजगार, स्वरोजगार, राशनकार्ड, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधार कार्ड, आदि विषयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों को उनकी विभागीय योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रपत्रों(फार्मो) में पुरूष और महिला के साथ-साथ तृतीय लिंग का भी एक वैकल्पिक कॉलम शामिल करने के निर्देश दिए गए। समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पिछले वर्ष एक अगस्त 2017 को निर्देश प्रसारित कर दिए गए हैं। जिनका सभी विभागों में गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप इस समुदाय के लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए इन योजनाओं से संबंधित प्रत्येक विभाग में राज्य स्तर पर एक अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया जाना चाहिए। जिन विभागों में अब तक नोडल अधिकारी नामांकित नहीं हुए है, वे जल्द नामांकित करें। बैठक में बताया गया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में तृतीय लिंग सुमदाय के लोगों की संख्या दो हजार 808 है। उनके कल्याण के लिए इस वर्ष के बजट के मुख्य शीर्ष में 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्हें जिला स्तर पर परिचय और राशन कार्ड भी दिए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना के तहत रायपुर जिले में तृतीय लिंग समुदाय की सुश्री विद्या राजपूत को कपड़ा व्यवसाय के लिए और रविना बरिहा को वीडियोग्राफी व्यवसाय के लिए एक-एक लाख रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया है। कौशल विकास योजना के तहत भिलाई नगर और धमतरी में नगरीय निकायों द्वारा इस समुदाय के कुल 38 हितग्राहियों को ब्यूटीकल्चर और हेयर थेरेपी व्यवसाय के तहत प्रशिक्षण दिया गया । इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बीजापुर और गरियाबंद जिलों के तृतीय लिंग व्यक्तियों को भी विभिन्न तीर्थ स्थानों का भ्रमण करवाया गया। श्रीमती साहू ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पाठ्यपुस्तकों में तृतीय लिंग समुदाय के बारे में कहानी, निबंध आदि शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने पर खुशी जताई। इस समुदाय के प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि घर-परिवारों से बेदखल होने के कारण तृतीय लिंग के व्यक्तियों को ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों से जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कुछ व्यावहारिक कठिनाईयां हो रही हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि जनगणना महानिदेशालय भारत सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को प्रत्येक जन्म-मृत्यु का पंजीयन करने के लिए अधिकृत किया गया है। तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्ति भी जन्म प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंचायतों और नगरीय निकायों में इसके लिए आवेदन करें। उनको यह जरूर जारी किया जाएगा।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम.गीता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री पी.सी. मिश्रा, समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आर.प्रसन्ना और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। तृतीय लिंग समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में सुश्री विद्या राजपूत और सुश्री कंचन सेंदरे और सुश्री रविना बरिहा ने भी बैठक में हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा तृतीय लिंग समुदाय की बेहतरी के लिए समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए प्रदेश स्तर पर 19 सदस्यीय कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इसी कड़ी में सभी जिलों में कलेक्टरों अथवा अपर कलेक्टरों की अध्यक्षता में छह सदस्यों की जिला स्तरीय समिति भी बनाई गई है। जिला स्तरीय समितियों को इस समुदाय के आवेदकों के लिए राशनकार्ड, पासपोर्ट, आधारकार्ड, प्रमाण पत्र आदि के प्रयोजन से पहचान पत्र जारी करने के लिए भी अधिकृत किया गया है। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन समितियों के माध्यम से शासकीय जिला अस्पतालों में तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को पहचान पत्र मिलने में किसी प्रकार का विलंब न हो।

 

error: Content is protected !!