गाली गलौज बनी भाजपा की संस्कृति और शिष्टाचार : शैलेश नितिन त्रिवेदी

०० संसदीय सचिव और उनके पुत्र द्वारा तखतपुर थानेदार की पिटाई की कांग्रेस ने की कड़ी निंदा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक और संसदीय सचिव और उनके पुत्र द्वारा तखतपुर के थानेदार की पिटाई और उनके वाहन में की गई तोड़फोड़ की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि तखतपुर थानेदार घटित घटना भाजपाई गुंडागर्दी की इंतहा है। संसदीय सचिव द्वारा थानेदार की सिर्फ इसलिए पिटाई करवाई गई क्योकि वह उनके शराब माफिया गुंडों के खिलाफ ईमानदारीपूर्वक कार्यवाही करने पर अडिग थे। भाजपा सरकार के जंगलराज का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि जिस टीआई के साथ मारपीट की गई उसे उनके ही विभाग द्वारा सजा के तौर पर लाइन हाजिर कर दिया गया।

कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि भाजपा विधायक संसदीय सचिव का असंवैधानिक पद पाकर सत्ता के मद में अंधे हो गए है। उन्हें गैर कानूनी पद मिला हुआ है इसीलिए कानून को ठेंगा दिखाना वे अपना अधिकार समझ लिए है। मुफ्त की गाड़ी, बंगला और फर्जी अधिकारों की धौस जमा कर वे क्षेत्र के अधिकारियों और जन-मानस से लगातार दादागीरी करते है। कांग्रेस मांग करती है भरतीय जनता पार्टी में जरा भी नैतिकता बची हो तो वह अपने इस आततायी विधायक के खि़लाफ़ कार्यवाही करने का साहस दिखाए। तस्करों, कोचियों और शराबियों को संरक्षण देने में संलिप्तता का आरोप लगाते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि तखतपुर में रमन सिंह सरकार के संसदीय सचिव और उनके बेटे द्वारा थानेदार के साथ फोन पर गाली गलौज करने, थानेदार की कार में तोड़फोड करने और संसदीय सचिव द्वारा थानेदार को मारने के लिये थाने में तलाश से यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बिगड़ चुकी है। छत्तीसगढ़ में कानून का राज्य समाप्त हो गया है। अराजकता व्याप्त है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नेताओं ने कानून अपने हाथ में ले लिया है। यह सब किसलिये? शराबियों को संरक्षण देने के लिये। यदि सरकार के मुखिया रमन सिंह और उनके पनामाई सांसद पुत्र अभिषेक सिंह की एक शराब तस्करी में गिरफ्तार भाजपा जिला पदाधिकारी के साथ फोटो उजागर हो ही रहे है तो रमन सरकार में संसदीय सचिव क्यों शराबियों को संरक्षण नहीं देंगे? इसके पहले धमधा में शराब कोचियों द्वारा मोटरसाईकल में परिवारजनों के साथ जा रही महिला के साथ सामूहिक अनाचार की शर्मनाक घटना घट चुकी है। पूरे प्रदेश में भाजपा के नेता शराब की तस्करी और कोचियागिरी में लिप्त है। शराब तस्करों, कोचियों और शराबियों को संरक्षण देने में पूरी भाजपा सरकार लगी हुयी है। रोकने वाले थानेदार के साथ गाली गलौज की जा रही है। वैसे भी विरोध के स्वरों को दबाने, कुचलने के लिये गाली गलौज, मारपीट और प्रशासन तंत्र, पुलिस तंत्र का दुरूपयोग भाजपा की शासन में छत्तीसगढ़ में राज की बात बन चुकी है। तखतपुर में पुलिस के एक अधिकारी को शराबखोरी में बाधा बनने की किमत चुकानी पड़ी है। तखतपुर में रमन सरकार के संसदीय सचिव को बचाने के लिये इन्हीं हथकंडों का इस्तेमाल अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हो रहा है, जिन हथकंडों का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेसियों के खिलाफ भाजपा सरकार के इशारों पर पुलिस अधिकारियों के द्वारा किया जाता रहा है। 1 मार्च 2017 में भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बड़े दंभ के साथ कहा था कि करेंगे शराबबंदी, चाहे हार जायें, बांटेंगे नहीं शराब और कहा था कि सरकार शराबबंदी की ओर कदम बढ़ा चुकी है। लेकिन 2010-11 में भी शराब बिक्री से राजस्व में 1128 करोड़ था जो चुनावपूर्व साल में 237 देशी, 436 विदेशी शराब दुकानों के बंद किये जाने के बावजूद 2011-12 में बढ़कर 1624.35 करोड़ हो गया अर्थात 33 प्रतिशत शराब बिक्री से हुयी। छत्तीसगढ़ में 40,000 करोड़ की शराब बिक्री में से 30 प्रतिशत व्यवस्थापन में मिलता है। जिसे 50 प्रतिशत करने के लिये शराब की सरकारी बिक्री का ढोंग रचा गया है। आदिवासी इलाकों में सिंचाई में 0 प्रतिशत तत्परता वाली रमन सरकार ने मधुशाला खोलने में सरकारी शराब अड्डे खोलने में गजब तत्परता दिखाई। अब शराबियों को, शराब तस्करों और शराब कोचियों से संरक्षण देने में भी उसी तत्परता से पूरी भाजपा सरकार लगी हुयी है।

 

 

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