राज्य के 8.38 लाख घरों में सितम्बर 2018 तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य

०० केन्द्र को 838 करोड़ का प्रस्ताव, राष्ट्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के अध्यक्ष ने अधिकारियों से किया विचार-विमर्श

रायपुर| प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य योजना) के तहत छत्तीसगढ़ में सितम्बर 2018 तक आठ लाख 38 हजार 189 घरों में बिजली का कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके लिए 838 करोड़ रूपए का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। केन्द्र सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के अध्यक्ष -सह- प्रबंध निदेशक श्री पी.व्ही. रमेश ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रदेश के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श किया। विशेष सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी के साथ इसकी समीक्षा की। उन्हांेने प्रदेश में संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना तथा सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यो की समीक्षा की।
बैठक में विशेष सचिव श्री परदेशी ने उन्हें ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्यो की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2016 की स्थिति में प्रदेश के एक हजार 80 अविद्युतीकृत ग्रामों में से केवल 95 ग्राम अविद्युतीकृत रह गये हैं। इनमें सुकमा जिले में 67 गांव, बीजापुर जिले में 23 गांव एवं दंतेवाडा जिले में चार गांव तथा ग्रिड से नारायणपुर में एक गांव का विद्युतीकरण किया जाना है। इन जिलों के गांवों में विद्युतीकरण के बारे में प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पावर वितरण कंपनी श्री अंकित आनंद ने बताया कि वर्तमान में शेष बचे 95 गांवों की भौगोलिक परिस्थिति विषम है तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विद्युतीकरण का कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। राज्य शासन द्वारा इन गांवों के निवासियों को दो सौ किलोवाट के सोलर होमलाईट के वितरण की विशेष योजना बनाई गई है, जिसका उपयोग कर आठ वाट के तीन एलईडी लैम्प तथा एक प्लग पाइंट का उपयोग कर टी.वी. अथवा मोबाईल की चार्जिंग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत राज्य में आठ लाख 38 हजार 189 अविद्युतीकृत घरों मंे से सात लाख 92 हजार 772 अविद्युतीकृत घरों मंे ग्रिड से और 45 हजार 417 अविद्युतीकृत घरों में बिजली कनेक्शन के लिए 838 करोड़ रूपए का प्रस्ताव भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। उन्होंने बताया कि राशि स्वीकृति की प्रत्याशा में क्रेडा एवं सी.एस.पी.डी.सी.एल. द्वारा बिजली कनेक्शन देने का कार्य प्रारंभ कर दिये गये हैं और लगभग 20 प्रतिशत कार्य जारी किये जा चुके हैं। बैठक में श्री रमेश से केन्द्र सरकार से वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। इस पर उन्होंने अपनी सहमति दी और अपेक्षित राशि मार्च 2018 के पूर्व उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया भी दिया। बैठक में छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनियों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

 

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