शासकीय राशन दुकान संचालन के लिए 32 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान

०० ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों को वित्तीय सहायता देने पहली बार प्रावधान

रायपुर| राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश में संचालित 12 हजार तीन सौ राशन दुकानों को अतिरिक्त कमीशन एवं वित्तीय सहायता देने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में 32 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले ने बताया कि राज्य के पिछड़े और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में संचालित कम आवंटन वाली राशन दुकानों को दुकान संचालन के लिए हर महीने वित्तीय सहायता देने के लिए पहली बार बजट में प्रावधान किया गया है। इसके तहत 50 क्विंटल तक के आवंटन वाली ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों को हर महीने आठ हजार रूपए एवं शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों को नौ हजार रूपए, 50 क्विंटल से अधिक किन्तु एक सौ क्विंटल तक के आवंटन वाली ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों को हर महीने छह हजार रूपए एवं शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों को साढ़े छह हजार रूपए और एक सौ क्विंटल से अधिक किन्तु डेढ़ सौ क्विंटल तक के आवंटन वाली ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों को हर महीने दो हजार रूपए एवं शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों को तीन हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।
श्री मोहले ने बताया कि सितम्बर 2016 से उचित मूल्य दुकानों के कमीशन में वृद्धि की गयी है, ताकि किसी भी दुकान संचालन एजेंसी के लिए हानि की स्थिति निर्मित नहीं हो। सितम्बर 2016 से पहले चावल के वितरण पर राशन दुकान संचालकों को 45 रूपए प्रति क्विंटल की दर से हर महीने एक लाख 69 हजार मीटरिक टन चावल के कुल आवंटन के वितरण पर सात करोड़ 60 लाख रूपए का कमीशन प्राप्त हो रहा था, जबकि सितम्बर 2016 से राशन दुकान संचालकों को हर महीने एक लाख 69 हजार मीटरिक टन चावल के वितरण पर 14 करोड़ आठ लाख रूपए का कमीशन एवं वित्तीय सहायता प्राप्त हो रहा है। श्री मोहले ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर महीने आवंटित एक लाख 15 हजार मीटरिक टन के चावल वितरण पर अधिकतम 80 रूपए प्रति क्विंटल तथा राज्य शासन द्वारा (स्टेट पूल) हर महीने आवंटित 54 हजार मीटरिक टन चावल के लिए 30 रूपए प्रति क्विंटल कमीशन की राशि और 150 क्विंटल तक के आवंटन वाली राशन दुकानों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए बजट प्रावधान रखा गया है।

 

 

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