विधानसभा : जीएसटी और नोटबंदी से त्रस्त कारोबारियों की आत्महत्या को लेकर विपक्ष ने लगाया स्थगन प्रस्ताव

०० स्थगन अग्राह्य होने पर विपक्ष ने किया हंगामा 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दौरान जीएसटी और नोटबंदी से त्रस्त कारोबारियों के आत्महत्या मामले में विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लगाया था। जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इससे असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा करना शुरु कर दिया।

सदन में उपनेता प्रतिपक्ष कवासी लखमा ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में व्यापारी सुरक्षित नहीं है। व्यापारियों के बीच हताशा का माहौल है। सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, उन्होंने राजनांदगांव में व्यापारी महावीर चौरडिय़ा की आत्महत्या का मामला सदन में उठाया। विपक्ष ने कहा कि, नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारी ने आत्महत्या की है। उसने अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह लिखी है। विपक्ष ने कहा कि, ये मामला हजारों करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़ा हुआ है। विपक्ष ने स्थगन की सूचना देकर चर्चा कराने की मांग की। इस पर आसंदी ने स्थगन अग्राह्य किया। कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि, इस मामले में सरकार की ओर से जवाब आना चाहिए। मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि, ये स्थगन का विषय नहीं बनता। मुझे लगता है कि, घटनाक्रम और घटना की जगह विपक्ष के लिए ज्यादा मायने रखता है। वहीं अरुण वोरा ने कहा कि, यह सिर्फ राजनांदगांव का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में व्यापारी जीएसटी और नोटबंदी के बाद से परेशान हैं।

 

error: Content is protected !!