मुख्यमंत्री के गृह नगर में प्रशासनिक आदेश मृत्यु कौन है जिम्मेदार ?

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा- हर वर्ष अनुसार आज सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के गृह नगर कवर्धा पीजी कॉलेज में वार्षिक उत्सव का कार्यक्रम रखा गया था जिसमे कबीरधाम जिले का ही नही बल्कि कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के लिए भी बहोत दुर्भाग्य का दिन रहा । कारण है कि जिस कॉलेज में कार्यक्रम रखा गया था उस कॉलेज के कार्यक्रम के दौरान और क्षेत्र सांसद अभिषेक सिंह , छग भाजपा युवामोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा व जिला प्रशासन के सामने मंच पर पीजी कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष ने अपनी समस्या और हो रहे अत्याचार को बया करते हुए मंच पर कॉलेज प्रिंसिपल को इस्तीफा थमा दिया साथ ही यह कॉलेज कुछ समय पहले से ही विवादों की स्थिति में था साथ ही विवाद की स्थिति का कारण था अतिथि के चलते मनोनीत अध्यक्ष सुनील यादव के तरफ से बात रखी गई थी कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बुलाया जाए तो दूसरी ओर एवीबीपी छात्रों का कहना था कि सांसद को बुलाया जाए जिस बात को लेकर विवाद बनी हुई थी जिस पर सुनील यादव मनोनीत अध्यक्ष के फेवर में जनता कांग्रेस जोगी ने समर्थन दिया और जोगी को लाने की बात पर दोनो छात्र गुटें अड़ गए जिस पर विवादित स्थिति को देखते हुए 21.02.18 तारीख को पीजी कॉलेज कवर्धा में कवर्धा SDM सी.के कौशिक , तहसीलदार रश्मि वर्मा , नायाब तासिलदार , कॉलेज प्रशासन और मीडिया के समक्ष आधे घंटे मौन धारण करने के पश्चात आखिकार ऊपरी फैसला आने के बाद हल कवर्धा SDM ने निकाल लिया जिसमे फैसला था कि वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में अध्यक्षता करने भाजपा सांसद अभिषेक सिंह को बुला लिया जाए और मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बुला लिया जाए साथ ही स्थानीय अन्य और नेताओं को बुला लिया जाए जिस बात से सभी लोगों और कॉलेज प्रशासन जिला प्रशासन प्रतिनिधित्व ने सहमति जताया साथ ही इस बात को प्रशासनिक प्रतिनिधित्व करने पहोचे कवर्धा SDM ने मीडिया में भी बात रख दिया कि इस बार वार्षिक उत्सव को लेकर चल रहे छात्रों के आपसी विवाद खत्म हो गया है साथ ही दोनो छात्र संघ की बातों और विवाद को देखते हुए फैसला दोनो पक्षों की ओर दे दिया गया है साथ ही फैसले देते हुए कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनिधित्व और विवाद खत्म करने पहोचे कवर्धा SDM सी.के.कौशिक और तहसीलदार रश्मि वर्मा द्वारा लिखित में आदेश जारी कर दिया गया था की इस बार के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में अध्यक्षता क्षेत्र सांसद अभिषेक सिंह करेंगे और मुख्यातिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बुलाया जायेगा यह आदेश जारी कर दिया गया था । मगर ठीक दूसरे दिन मनोनीत छात्र और जोगी के कार्यकर्ताओं को भनक लग गया था कि अजीत जोगी का नाम काट कर उनके स्थान में वन मंत्री और जिला प्रभारी महेश गागड़ा को बुलाया जा रहा है जिस पर अध्यक्ष और समर्थक ने मीडिया के माध्यम से अपील और निवेदन करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया था कि कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन अपने दिए आदेश को बरकरार रखे अन्यथा हम कार्यक्रम का बहिष्कार करने के साथ साथ विरोध भी करेंगे और आज जिसका विरोध था वही हुआ साथ ही एकपक्षी निर्णय लिया गया और पीजी कॉलेज वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में अध्यक्षता कवर्धा नगर पालिका अध्यक्षा देवकुमारी चंद्रवंशी और मुख्यथिति क्षेत्र सांसद अभिषेक सिंह व विशिष्ट अथिति के रूप में छत्तीसगढ़ भाजपा युवामोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा को बुलाया गया था साथ ही अन्य स्थानीय नेता व जनप्रतिनिधि को बुलाया गया था ।

जिला प्रशासन के लिए भी बहोत ही दुर्भाग्य का दिन रहा ।

जिला प्रशासन के लिए दुर्भाग्य का दिन इस लिए कहाँ जा सकता है क्योंकि जिला प्रशासन से प्रतिनिधित्व करने और विवाद खत्म करने को लेकर कवर्धा एसडीएम सी.के.कौशिक , तहसिलदार रश्मि वर्मा , नायाब तहसीलदार ने कार्यक्रम अतिथियों का आदेश तो जारी कर दिया मगर आज वही प्रशासनिक लिखित आदेशों को पालन नही हुआ साथ ही उस आदेश को दर किनारे कर दिया गया जोकि जिला प्रशासन के लिए बहोत ही दुर्भाग्य का दिन और दुर्भाग्य की बात रही साथ ही जिला प्रशासन ने अज्ञात कारणों के चलते अपने दिए आदेश की अवहेलना के विरुद्ध कोई ठोस कदम नही उठा पाए और नाही प्रशासनिक स्तर पर अपनी बात रख पाये।

तो दूसरी ओर सुनील यादव पीजी कॉलेज अध्यक्ष के सपोर्ट में आये जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी ने विरोध जताते हुए सैकड़ों की संख्या में रणनीतियों को त्यार कर अंजाम देते हुए अलग अलग स्थानों से हुए आदेश की अवहेलना और जोगी को नही बुलाने के विरोध में पहले तो क्षेत्र सांसद अभिषेक सिंह को काला पट्टी दिखाने की रणनीति बनाया गया था जिसके चलते पिपरिया थाना पुलिस ने रायपुर रोड से जनता कांग्रेस जोगी के 23 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया साथ ही कवर्धा सिग्नल चौक पर सांसद अभिषेक सिंह का पुतला दहन करने के चलते सिटी कोतवाली ने 35 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है ।

मगर एक प्रश्न ? सभी के लिए रह गया है कि आखिरकार वो कौन सा ऐसा व्यक्ति है जिनके आगे कॉलेज प्रशासन जिला प्रशासन भी नकमस्तक हो गए और जिसके चलते अपने ही प्रशासनिक अधिकारियों को गलत और झूठा साबित कर दिए साथ ही प्रशासनिक आदेश को भी नजर आजाद कर दिए और अध्यक्ष पीजी कॉलेज मनोनीत अध्यक्ष होने के बाबजूद अध्यक्ष को स्तीफा देने को मजबूर कर दिया और तो और वो कौन होगा जिसकी इतना दादागिरी या आदेश चलता होगा जो मीडिया को भी दर किनारे कर दिया ?

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