सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाशपुंज पांडेय ने कुँवर बाई की निधन पर जताया दुख

०० प्रकाशपुंज पाण्डेय ने की श्रीमती कुंवर बाई को मरणोपरांत पद्मश्री देने की मांग

०० राज्य सरकार स्वच्छता दूत कुंवर बाई के योगदान को पाठ्य पुस्तकों में करे शामिल  

रायपुर| सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रकाशपुंज पाण्डेय ने स्वच्छता दूत श्रीमती कुंवर बाई के निधन पर दुःख जताया है| प्रकाशपुंज पाण्डेय ने राज्य सरकार से की मांग किया है कि स्वच्छता दूत कुंवर बाई के योगदान को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी स्वच्छता का महत्व सीख सके साथ ही पाण्डेय ने श्रीमती कुंवर बाई को मरणोपरांत पद्मश्री देने की मांग की है|

गौरतलब है कि श्रीमती कुंवर बाई धमतरी जिले के ग्राम कोटाभर्री (ग्राम पंचायत-बरारी) की रहने वाली थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित होकर अपने गांव में स्वच्छता के लिए जनजागरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीमती कुंवर बाई ने बकरियां बेचकर हुई आमदनी से अपने घर में शौचालय का निर्माण किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव वालों को भी घरों में शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया। उनके गांव के सभी 18 घरों में शौचालय बन चुके हैं और यह गांव खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) भी घोषित हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 फरवरी 2016 को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम कुर्रूभाठ (तहसील-डोंगरगढ़) में आयोजित विशाल जनसभा में श्रीमती कुंवर बाई के चरण स्पर्श कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया था। ज्ञातव्य है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जब दिल्ली प्रवास पर थे, उस समय श्रीमती कुंवर बाई इलाज के लिए धमतरी के शासकीय जिला अस्पताल में दाखिल थीं। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली वीडियो कालिंग के जरिये उनकी बेटी श्रीमती सुशीला से बातचीत की थी और श्रीमती कुंवर बाई के बेहतर इलाज के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश श्रीमती कुंवर बाई को और भी अधिक अच्छे इलाज के लिए कल धमतरी से यहां लाकर अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।

 

 

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