बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली कुंवर बाई का निधन,मुख्यमंत्री ने किया दुःख व्यक्त

०० कुंवर बाई के समर्पण को देखकर मोदी काफी प्रभावित हुए और मुलाकात के वक्त मंच पर उनके छू लिए थे पैर

०० स्वच्छता दूत श्रीमती कुंवर बाई के निधन पर मुख्यमंत्री ने किया गहरा दुःख व्यक्त

रायपुर| छत्तीसगढ़ में अपनी आधा दर्जन बकरियां बेचकर बहू के लिए टॉयलेट बनवाने वालीं कुंवर बाई (106 साल) का शुक्रवार को निधन हो गया। बीते सोमवार से ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें धमतरी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान ब्रेन समेत कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद कुंवर बाई को रायपुर के अंबेडकर हॉस्पिटल लाया गया, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली।

विदित हो कि 2016 में स्वच्छ भारत मिशन (क्लीन इंडिया कैम्पेन) के प्रति कुंवर बाई के समर्पण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोग्राम में उनके पैर छुए थे। प्रधानमंत्री ने उन्हें स्वच्छता मिशन का अगुआ घोषित किया था। इलाज के दौरान आखिरी वक्त में कुंवर बाई ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा जताई थी, चूंकि सीएम बुधवार को दिल्ली में थे। ऐसे में उन्होंने कुंवर बाई से रात 9.45 बजे वीडियो कॉलिंग पर बात की थी हालांकि, उस दौरान कुंवर बाई सिर्फ मुख्यमंत्री की बातें सुन पाईं, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कुंवर बाई की बेटी सुशीला यादव और नातिन चंद्रकला यादव से बात की और उनका हाल जाना था। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना को कुंवर बाई का बेहतर से बेहतर इलाज कराने और तबीयत में सुधार नहीं होने पर रायपुर रेफर करने के ऑर्डर दिए थे।

मुख्यमंत्री ने किया गहरा दुःख व्यक्त:- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य की प्रसिद्ध स्वच्छता दूत श्रीमती कुंवर बाई के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। लगभग 106 वर्षीय श्रीमती कुंवर बाई का आज सवेरे राजधानी रायपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अम्बेडकर अस्पताल में निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। डॉ. सिंह ने शोक संदेश में कहा कि श्रीमती कुंवर बाई ने बकरियां बेचकर प्राप्त आमदनी से घर में शौचालय बनवाकर स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए एक अनोखा उदाहरण पेश किया था। उल्लेखनीय है कि श्रीमती कुंवर बाई धमतरी जिले के ग्राम कोटाभर्री (ग्राम पंचायत-बरारी) की रहने वाली थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से प्रभावित होकर अपने गांव में स्वच्छता के लिए जनजागरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीमती कुंवर बाई ने बकरियां बेचकर हुई आमदनी से अपने घर में शौचालय का निर्माण किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव वालों को भी घरों में शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया। उनके गांव के सभी 18 घरों में शौचालय बन चुके हैं और यह गांव खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) भी घोषित हो गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 फरवरी 2016 को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम कुर्रूभाठ (तहसील-डोंगरगढ़) में आयोजित विशाल जनसभा में श्रीमती कुंवर बाई के चरण स्पर्श कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया था। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनका उल्लेख करते हुए कहा था – ‘‘आज मुझे यहां 104 वर्ष की मां कुंवर बाई का आशीर्वाद पाने का सौभाग्य मिला, जो लोग अपने आप को नवजवान मानते हैं, वे तय करें कि उनकी सोच भी जवान है क्या ?’’ श्री मोदी ने कहा था – ‘‘एक सौ चार वर्ष की मां कुंवर बाई न टी.व्ही देखती हैं और न ही पढ़ी-लिखी हैं, लेकिन उन्हें पता चला की देश के प्रधानमंत्री लोगों को घरों में शौचालय बनवाने के लिए कहते हैं। उन्होंने बकरी पालन की राशि से अपने घर में शौचालय बनवाया और गांव वालों को भी शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया। श्री मोदी ने कहा कि श्रीमती कुंवर बाई जैसी वयोवृद्ध महिला का यह विचार पूरे देश में तेजी से आ रहे बदलाव का प्रतीक है। मैं उन्हें  प्रणाम करता हूं।‘‘ ज्ञातव्य है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जब दिल्ली प्रवास पर थे, उस समय श्रीमती कुंवर बाई इलाज के लिए धमतरी के शासकीय जिला अस्पताल में दाखिल थीं। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली वीडियो कालिंग के जरिये उनकी बेटी श्रीमती सुशीला से बातचीत की थी और श्रीमती कुंवर बाई के बेहतर इलाज के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश श्रीमती कुंवर बाई को और भी अधिक अच्छे इलाज के लिए कल धमतरी से यहां लाकर अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।

 

 

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