मैक-डी डायलिसिस जैकेट का वितरण सुपेबेडा और गोहेकेला में क्यो नही करती रमन सरकार : विकास तिवारी

०० मैक-डी डायलिसिस जैकेट का अविष्कार सफल हुआ है कि नही रमन सरकार को जवाब देना चाहिये

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि दाऊ कल्याण सिंह अस्पताल के अधीक्षक एवं मेकाहारा अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर पुनीत गुप्ता द्वारा वर्ष 2015 में मैक-डी नामक डायलिसिस जैकेट का आविष्कार किया गया था उनके द्वारा यह बताया गया था कि इस जैकेट का वजन 10 किलो से भी कम है और इस जैकेट के उपयोग से किडनी रोग से ग्रसित मरीजों का डायलिसिस आसानी से हो सकता है मरीजों को कहीं पर भी जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनका सारा ईलाज और डायलिसिस का डेटा रायपुर स्थित मुख्यालय में संग्रहित होता रहेगा। मैक-डी प्रोजेक्ट में सरकार के मद से करोड़ों रुपए की राशि खर्च की गई थी उसका उपयोग किडनी रोग से ग्रसित मरीजो पर क्यो नही किया जा रहा है,जबकि मैक-डी डायलिसिस जैकेट लर सरकार ने करोड़ो रु जनता की गाढ़ी कमाई के फूंक दिये है।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि दो साल बीतने के बावजूद मैक-डी डायलिसिस जैकेट प्रदेश में किसी भी किडनी रोग से ग्रसित मरीजो को वितरित नहीं किया गया है जबकि देवभोग के ग्राम सुपेबेड़ा और उसके पड़ोसी गांव गोहेकेला में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों की संख्या में गरीब नागरिक किडनी रोग से ग्रसित हो चुके हैं मैक-डी नामक डायलिसिस जैकेट के अविष्कारक डॉक्टर पुनीत गुप्ता को प्रख्यात  डॉक्टर बी एस रे अवार्ड सभी सम्मानित किया जा चुका है किंतु 2 वर्ष व्यतीत होने के बावजूद डॉक्टर गुप्ता का आविष्कार का लाभ प्रदेश के किसी भी किडनी पीड़ित मरीज को प्राप्त नहीं हो रहा है रोजाना डायलिसिस के अभाव में किडनी रोगी यो की मौत  हो रही है| प्रवक्ता विकास तिवारी ने शंका जाहिर की  है कि कहीं मैक-डी डायलिसिस जैकेट के नाम पर कोई बड़ा घोटाला तो नहीं किया गया है और प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपयों की राशि का दुरुपयोग तो नही किया गया है और अगर जैकेट के आविष्कार में सफलता मिल गयी है तो बावजूद इसके आज तक ना तो इस जैकेट को किसी ने देखा है और ना ही इस डायलिसिस जैकेट का उपयोग प्रदेश के किसी भी किडनी रोग से ग्रसित मरीज ने किया है इस विषय की जांच की मांग स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से भी करते हैं कि नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर पुनीत गुप्ता द्वारा अविष्कार किए गए मैक डी डायलिसिस जैकेट की सत्यता क्या है क्या इसे भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय मानकों का दर्जा प्राप्त हो चुका है और अगर नहीं हुआ है तो सरकार के मुखिया को जिम्मेदारी पूर्वक प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि मेडी डायलिसिस जैकेट अविष्कार में सरकार ने कितने करोड़ रुपए भूखे हैं और इसका नतीजा क्या निकला और अगर यह अविष्कार सफल है तो तत्काल मेडी पालिसी जैकेट का वितरण सुपेबेड़ा और वह गोहेकेला ग्राम में किडनी रोग से ग्रसित गरीब मरीजों को तत्काल करना चाहिये।

 

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