विधानसभा : नीरव मोदी की पार्टनर कंपनी को लेकर हंगामा, कांग्रेस के 28 विधायक सदन से निलंबित

०० कांग्रेस के विधायक सदन के गर्भ गृह में पहुंचकर रियो टिंटो मामले को लेकर करने लगे नारेबाजी

रायपुर।विधानसभा में सोमवार को सबसे बड़े पीएनबी बैंकिंग घोटाले की गूंज हुई, विपक्ष ने आरोप लगाया कि नीरव मोदी की सहयोगी कंपनी रियो टिंटो को प्रदेश में निवेश का न्यौता दिया जा रहा है। विपक्ष ने इस पर लगाए स्थगन पर काम रोककर चर्चा कराने की मांग की। अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने इस मामले में विपक्ष को फटकारा कि किसी भी मुद्दे पर सदन में स्थगन नहीं लाया जाता। स्थगन का विषय ऐसा हो कि कानून व्यवस्था समाप्त हो गई हो। कल्पना के आधार पर स्थगन नहीं लाए जाते इतना सुनते ही विपक्ष गर्भगृह में पहुंचकर धरने पर बैठ गया। इस पर विधान सभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल ने विपक्ष के सभी 30 विधायकों को निलंबित कर दिया। इसमें कांग्रेस के 28 विधायक हैं।

सदन में कांग्रेस के भूपेश बघेल ने रियो टिंटो मुद्दे को उठाया, उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस्तीफे की मांग की। सदन में नारेबाजी होने लगी, विपक्ष के विधायक गर्भगृह में पहुंचकर धरने पर बैठ गए और वहीं नारे लगाने लगे। इसके बाद भी अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल ने भी सदन की कार्यवाही जारी रखी। उन्होंने ध्यानाकर्षण के लिए श्यामलाल कंवर, रामदयाल उइके व अमरजीत भगत का नाम पुकारा, लेकिन उन्होंने ध्यानाकर्षण नहीं पढ़ा। तब अध्यक्ष ने दूसरे ध्यानाकर्षण के लिए चुन्नीलाल साहू व डॉ. विमल चोपड़ा का नाम पुकारा शोरशराबे की बीच सदन चलता रहा। इस बीच अध्यक्ष ने गर्भगृह में पहुंचे विधायकों के निलंबन की घोषणा की। इसके बाद विपक्ष के विधायक सदन से बाहर नारेबाजी करते हुए निकल गए।

शून्य काल में भी उठा था मामला :- इससे पहले शून्यकाल में बघेल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि रियल टिंटो ब्लैक लिस्टेड कंपनी है। नीरव मोदी की पार्टनर कंपनी है। सीएम विदेश जाकर उसे ही निवेश के लिए छत्तीसगढ़ आमंत्रित कर आए हैं। क्या लूटने वाले छत्तीसगढ़ आएंगे। इस मामले में सरकार की ओर से वक्तव्य तक नहीं आया है। सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ को सामूहिक रूप से लूटने का प्रयास किया जा रहा है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि सरकार ने ऐसी कंपनी के साथ काम करने का निर्णय लिया है जो विवादित है। सिंहदेव ने स्थगन पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर और धनेंद्र साहू के बीच तीखी बहस होती रही, पर शोर में सुनी नहीं जा सकी। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कुछ कहा, लेकिन हल्ले में सुना नहीं जा सका। सत्ता पक्ष के विधायकों ने शेम-शेम के नारे लगाए। दोनों और से नारे लगने लगे। सदन शोर में डूब गया। इस बीच अध्यक्ष ने फिर फटकार लगाई कि सदन इसी तरह चलाना चाहते हैं क्या?

कांग्रेस के 28 विधायक हुए निलंबित :- कांग्रेस के विधायक टीएस सिंहदेव, सत्यनारायण शर्मा, कवासी लखमा, डॉ. रेणु जोगी, खेलसाय सिंह, लखेश्वर बघेल, मोतीलाल देवांगन, दीपक बैज, संतराम नेताम, वृहस्पति सिंह, दलेश्वर साहू, अनीला भेंडिया, तेज कुंवर नेताम, गुरुमुख सिंह होरा, धनेंद्र साहू, भूपेश बघेल, देवती कर्मा, अमरजीत भगत, दिलीप लहरिया, चिंतामणि महाराज, जनकराम वर्मा, श्यामलाल कंवर, उमेश पटेल, डॉ. प्रीतम राम, भोलाराम साहू, चुन्नीलाल साहू, भैयाराम सिन्हा, गिरवर जंघेल सहित जोगी कांग्रेस के समर्थक विधायक सियाराम कौशिक को निलंबित किया गया|

मुख्यमंत्री ने कहा रात को सपना देख सदन में उठा देते हैं :- विपक्ष के आरोपों पर सदन के बाहर मुख्यमंत्री ने बयान दिया। डॉ. सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस का आरोप पूरी तरह से हाइपोथेटिकल (काल्पनिक) है। कांग्रेस के आरोपों को देखकर तो यही लगता है कि इनके सपने में भी कोई बात रात में आती है, वे सुबह आकर उसे सदन में उठा देते हैं। कांग्रेस की सरकार में रियो टिंटो को ज्यादा से ज्यादा अनुमित दी गई। उन्होंने कहा कि सिर्फ बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है, जबकि सरकार हर सार्थक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस सदन में जानबूझ कर झूठे आरोपों के जरिए हंगामा और बहिष्कार कर रही है। राजनीतिक मुद्दे को लेकर प्रदर्शन में शामिल होना है, तब भी तो बहाने ठोस बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को कोई गंभीर विषय को लेकर आना चाहिए था, सिर्फ राजनीतिक मुद्दे पर कांग्रेस बहस में भाग नहीं ले रही है।

 

 

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