सोनहत मे मनरेगा के निर्माण कार्य मे अधिकारियों के संरक्षण से जमके किया गया भ्रष्टाचार

चंद्रकांत गढ़वाल (कोरिया) सोनहत मे मनरेगा निर्माण कार्यो में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है। फर्जी हाजरी से ले कर फर्जी मटेरियल तक का निर्माण एजेंसियां लाखो का बिल लगा कर, कर रहे गोल माल विकासखण्ड के अधिकारियों के उदासीन होने के कारण ग्राम पंचायत एजेंसियों के हौसले बुलंद है अस्थाई मिट्टी बोल्डर चेक डेम निर्माण में लाखों का बोल्डर ट्रांसपोर्टिंग चार्ज बिल लगया जाता है जबकि मनरेगा मजदूरों से ही निर्माण कार्य के पास जंगल के पत्थर तोड़वा कर मजदूर ही ला कर लगाते है और ट्रांसपोर्टिंग चार्ज के रूप में फर्जी तरीके से निर्माण एजेंसियां लाखो में हाँथ साफ कर लेते है ये कहना गलत नही होगा कि एक बोल्डर की ट्रांसपोर्ट चार्ज दो बार दी जाती है मनरेगा मजदूर और वाहनों को जब हमने पूरे मामले में विकास खण्ड मनरेगा अधिकारी से बात करना चाहा तो उन्होंने कैमरा के सामने कुछ भी कहने से मना कर दिया पर कुछ सवालों का जवाब बंद कैमरे पर कहा हमारा सवाल था निर्माण एजेंसियां निर्माण कार्यो में पारदर्शिता नही बरत रही निर्माण स्थलों में लगभग 50 परसेंट कार्यो पर ही बोर्ड निर्माण होता है वो भी कार्य पूर्ण होने के बाद तो साहब ने कहा कि वो निर्माण एजेंसियां जब चाहे बोर्ड निर्माण करा लें उनके ऊपर है।

जबकि कार्य शुरू होने के सांथ ही नियमतः बोर्ड निर्माण करना होता है जिसमे निर्माण कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां  पारदर्शिता के तौर पर सार्वजनिक की जाती है। अब आप अनुमान लगा सकते है कि जब साहब ही ऐसे तो निर्माण एजेंसियां कैसी होंगी और तो और शिकायत के बाद  साहब निरीक्षण कर निर्माण कार्यो को सही बताते है जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है।

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