शिवसेना के तेजतर्रार युवानेता डॉ. अरुण पाण्डेय ने अपने जन्मदिन पर उठाया बाल मजदूरी को जड़ से ख़त्म करने का बीड़ा

 

(रायपुर) शिवसेना नेता डॉ. अरुण पांडेय ने छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों के व्यवसायिक संस्थानों पर बाल मजदूरी को पूर्णतः समाप्त कर कामगार बालकों के शिक्षा व गुजारा हेतु पहल की हस्तलिखित आवेदन बाल अधिकार व संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष को प्रेषित कर की है अध्यक्ष को प्रेषित आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, युवासेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य ठाकरे, शिवसेना राज्य प्रमुख धनन्जय परिहार को भी प्रेषित की गई है। प्रेषित आवेदन में बताया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में संचालित व्यवसायिक संस्थानों में कही न कही आज भी बाल मजदूरी का मामला प्रकाश में आते ही रहता है। अवगत होकि छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा निगरानी समिति का गठन करते हुए इन्हें चिन्हाकित करने की योजना बनाई जावे साथ ही चिन्हाकित किये संस्थानों के संचालकों पर कानूनन कार्यवाही किया जावे। विदित हो कि प्रदेश में कामगार बालकों को अपने व परिवार के भरण पोषण हेतु मजदूरी करना उनकी मजबुरी है, अतः ऐसे कामगार बालकों को जिला स्तर पर चिन्हाकित करते हुए इन्हें आवश्यक रूप से आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलवाने संबन्धी विचार राज्य के शिक्षा मंत्री तक रखा जावे कामगार बालकों के परिवार की आर्थिक स्थिती व आवक तरीकों को भी पहचाना जावे यह पता लगाया जावे की आखिर क्यों इस परिवार का बालक बाल मज़दूरी हेतु मजबूर है अतः उनके परिवार के लिए रोजगार की व्यवस्था पर विचार करना आवश्यक होगा व इसपर स्थायी व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाया जावे।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा इस प्रकार के सकारात्मक पहल से सम्पूर्ण राज्य में बाल मज़दूरी पूर्णतः समाप्त होगा वही इनके पालकों की आर्थिक स्थिती सुधरने के साथ ही आवाशीय विद्यालयों में अनिवार्य व उच्च शिक्षा की व्यवस्था के बाद वर्तमान के कामगार बालक राज्य के शसक्त भविष्य निर्माता बन सकेंगे। डॉ अरुण पांडेय ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग से विनम्र अनुरोध किया है कि यह विचार शिवसेना – छत्तीसगढ़ के युवा इकाई की है अतः जिला स्तर पर बनने वाले निगरानी व सलाहकार समिति में युवासेना के जिला प्रमुख को सम्मान के साथ सेवा का अवसर प्रदान किया जावे। डॉ अरुण पांडेय ने आगे बताया कि जब तक छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग व छत्तीसगढ़ सरकार इस ओर सक्रिय नही होता तब तक युवासेना, छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता उक्त पर अपना कार्य करके शासन/प्रशासन तक रिपोर्ट प्रस्तुत करते रहेंगे।
अवगत होकि आगामी समय में इसहेतु युवासेना, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश व जिला स्तर पर हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जावेगा, जिसकी जानकारी भी प्रेषित है।

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