मंत्री अमर अग्रवाल की घोषणाएं बिलासपुर के लिए दिया तले अंधेरा : विक्रान्त तिवारी

०० लगातार बढ़ते सम्पत्ति कर पर कोई कटौती न करना जनता के साथ अन्याय

०० एक तरफ विधानसभा में सब्जी बेचने वालों से बाजार शुल्क न लेने की घोषणा और दूसरी तरफ खुद की विधानसभा में छोटे छोटे सब्जी व्यापारियों को बाजार में घुसने पर ठेले सहित उठा लेने के निर्देश, दोहरी मानसिकता

०० आबकारी मंन्त्री ने शराब की गुणवत्ता को सरकार की प्रथमिकता बता कर सरकार द्वारा शराब बिक्री के तटीकरण की और इशारा किया है, जो जनभावनाओं की विपरीत है

बिलासपुर| जनता कांग्रेस छ्त्तीसगढ़(जे) के जिला प्रवक्ता विक्रान्त तिवारी ने विधानसभा में प्रदेश के महत्वपूर्ण विभागों की ज़िम्मेदारी सम्हालने वाले मंत्री अमर अग्रवाल द्वारा दिये भाषण और कि गई घोषणाओं को निराशाजनक बताते हुए बिलासपुर के लिए “दिए तले अंधेरे की संज्ञा दी”।अपने अभिभाषण में प्रदेश के वाणिज्यकर,श्रम, नगरीय निकाय एवं आबकारी जैसे बड़े बड़े विभागों का दारोमदार सम्हाल रहे मंत्री अमर अग्रवाल ने अपने मंत्रालयों के लिए लगभग 4000 करोड़ का भारी भरकम बजट तो ध्वनि मत से पारित करवा लिया किन्तु अपने निर्वाचन क्षेत्र के साथ पुनः सौतेलों से व्यवहार कर गए। जहां जनता विगत 8 वर्षों से सीवरेज जैसी परियोजना के कारण हर तरफ गड्ढो से त्रस्त है फिर भी सम्पत्ति कर में लगातार वृद्धि की जाती रही है। इस जनता को मंत्री महोदय से आशा थी कि वह सम्पत्ति कर में कटौती कर जनता को राहत देंगे। किन्तु एक बार फिर उन्होंने बिलासपुर की जनता के साथ अन्याय किया है।

विक्रान्त तिवारी ने मंत्री अग्रवाल की छूटकर सब्जी व्यापारियों के बाजार शुल्क माफ करने की घोषणा को उनकि दौहरी मानसिकता बताया।उन्होंने कहा की अमर अग्रवाल जी सिर्फ रायपुर में वाहवाही लूटने के लिए ऐसी घोषणाएं करते है किन्तु हक़ीक़त उसके बिल्कुल विपरीत होती है। जहां विधानसभा में उन्होंने छोटे सब्जी व्यापारियों को राहत देने बाजार शुल्क न लेने की घोषणा की वही दूरी ओर उन्ही की विधानसभा बिलासपुर के छोटे छोटे सब्जी व्यापारी चाहे वह बृहस्पति बाजार,बुधवारी बाजार के हों या शनिचरी बाजार के उन्हें बाजार में न घुसने देने का निर्देश उन्ही के निगम विभाग को दिया गया है।। आये दिन उन छोटे व्यापारियों की सब्जियों को ठेलों सहित निगमकर्मी बलपूर्वक उठा लेते है। ऐसे में उन्हें बाजार शुल्क न देने की घोषणा दिखावा है उनकी दौहरी मानसिकता का प्रतीक है। आबकारी मंत्री के रूप में अमर अग्रवाल के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रान्त ने कहा, 11 अप्रैल 2017 को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह जी बिहार जा कर घोषणा करते है को ये शराब का सरकारीकरण सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से शराब बंदी है। किन्तु उनके ही आबकारी मंत्री आज उनके ही समक्ष विधानसभा में शराब की गुणवत्ता को अपनी प्रथमिकता बता रहे हैं। देसी शराब के आंकड़ो में 1 फीसदी की बढ़ोतरी होना गर्व से बता रहे है। यह प्रदेश में शराब के तटीकरण की ओर इशारा कर रहा है। अप्रैल 2017 से नवंबर 2017 तक 8 महीने में 24 अरब 22 करोड़47 हज़ार 888 रुपये की शराब बिक्री ने सरकार का मोह जनता से भांग कर माया की ओर मोड़ दिया है। विक्रान्त तिवारी ने बताया कि एक आंकड़े के अनुसार शहर की सभी शराब दुकानों में रोजाना औसतन 4 लाख रुपयों की शराब बिक्री होती है जो कि 31 दिसम्बर की रात लगभग 11 लाख प्रति दुकान रही। शहर में हर महीने जनता के 200 करोड़ रुपए शराब के माध्यम से सरकार वसूल रही है। ऐसे में इसे चरणबद्ध शराब बंदी माने या सुनियोजित शराब तटीकरण। मंत्री  अग्रवाल ने जब शराब नीति की घोषणा की थी, तब उन्होंने 11 सदस्यीय एक कमेटी बना कर जन भावनाओ को परखने की बात कही थी। किन्तु एक साल उपरांत भी कमेटी बनाने पर ही चर्चा हो रही है। जो कि सरकार और मंत्री की जनता के प्रति दायित्वों को स्पष्ट करता है। जिला प्रवक्ता ने कहा 2018 में जनता कांग्रेस प्रदेशवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपने शपथपत्र के अनुरूप पूर्ण शराबबंदी लाने वचनबद्ध है।

 

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