विधानसभा: कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने उठाया एमसीआई के निरीक्षण का मुद्दा   

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने एमसीआई के निरीक्षण के संबंध में ध्यानाकर्षण सूचना दी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर की ओर से जवाब दिया गया।

विधायक अरुण वोरा ने ध्यानाकर्षण सूचना दी कि राज्य के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, क्रिटिकल केयर, एमसीएच प्लास्टिक सर्जरी, एमसीएच न्यूरो सर्जरी, एमसीएच कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी और पीडियाट्रिक सुपर स्पेशलिटी सर्जरी विभाग है। इन सभी विभागों में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण के बाद डॉक्टरों और सुविधाओं को सुपर स्पेशलिटी का कोर्स चालू करने के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं माना और सभी विभागों के आवेदन खारिज हो गए। इसके साथ ही एमसीआई के इनकार से डॉक्टरों को सुपर स्पेशलिस्ट बनाने के सारे विकल्प समाप्त हो गए। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से अस्पताल के कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों के प्रमोशन और पोस्टिंग पर एमसीआई ने प्रश्नचिन्ह लगा दिया। एमसीआई ने अपने निरीक्षण में इन विभागों में उपलब्धता, डॉक्टरों और उनकी योग्यता का परीक्षण किया। विभागों में दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की, सुपर स्पेशलिटी का कोर्स चालू करने के लिए जो मापदंड निर्धारित हैं। वह उपलब्ध है या नहीं की जांच की किंतु इन सभी में एमसीआई ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जिसके कारण प्रदेश में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बनने के विकल्प समाप्त हो गए हैं। इससे आम जनता में असंतोष व्याप्त है।
 प्रदेश के स्वस्थ्य मंत्री ने दिया ये जवाब:- इस पर स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह सही है कि राज्य के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, क्रिटिकल केयर, एमसीएच प्लास्टिक सर्जरी एंड न्यूरो सर्जरी एमसीएच कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी और पीडियाट्रिक सुपर स्पेशलिटी सर्जरी विभाग संचालित है। यह भी सही है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा इन सभी विभागों के निरीक्षण के बाद इन विभागों में सुपर स्पेशलिटी का कोर्स प्रारंभ करने के लिए निर्धारित मापदंड के तुलना में कुछ कमियां बताई गई। विभाग की ओर से उक्त कमियों का निराकरण करते हुए पालन प्रतिवेदन कंप्लायंस रिपोर्ट एमसीआई को भेज दी गई है। यह भी सही है कि भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के बुलावे पर सुपर स्पेशलिटी विभाग के विभागाध्यक्ष के दल ने एमसीआई के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल निरीक्षण टीम में उठाए गए बिंदुओं के संबंध में की गई सुधारात्मक कार्यवाही का प्रतिवेदन भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय की समिति के समक्ष प्रस्तुत किया है।
फिर आएगा एमसीआई का दल निरिक्षण करने : चंद्राकर
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के समिति ने विभाग की ओर से प्रस्तुत उत्तर से संतुष्ट होकर यह कहा है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दल पुन: सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण करने आएंगे। अत: यह कहना सही नहीं है कि सुपर स्पेशलिटी बनाने के सारे विकल्प समाप्त हो गए हैं। विभाग की ओर से सुपर स्पेशलिटी के लिए आवश्यक समस्त अधोसंरचना, मानव संसाधन और चिकित्सा उपकरणों आदि के मूर्ति के संबंध में कार्यवाही प्रगति पर है। एवं मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के आगामी नहीं शिक्षण में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के संबंध में उन्हें निश्चित रुप से संतुष्ट करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। अत: यह कहना सही नहीं है कि प्रदेश में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बनने के विकल्प समाप्त हो गए हैं। विभाग की ओर से इस संबंध में कमियों को दूर करने हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अत: यह कहना सही नहीं है कि इस संबंध में आम जनता में कोई असंतोष है।

 

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