राजा दिग्विजयदास और वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने शिक्षा के पुण्य कार्य के लिए महल दान कर पेश किया अनुपम उदाहरण: डॉ. रमन सिंह

०० दिग्विजय कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

०० कॉलेज में बीपीएड कक्षा और सिकलसेल अनुसंधान प्रयोगशाला मंजूर करने की घोषणा

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जिला मुख्यालय राजनांदगांव में आयोजित शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए। महाविद्यालय प्रशासन के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने वहां बीपीएड की पढ़ाई शुरू करने और सिकल सेल अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापना की भी स्वीकृति देने की घोषणा की। उन्होंने कहा- राजनांदगांव जिले की तत्कालीन रियासतों के राजाओं ने जनता को शिक्षा की सुविधा दिलाने के लिए सराहनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा – जब हम देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में जाते हैं तो देखते हैं कि उन क्षेत्रों के तत्कालीन राजाओं के महल में थ्री स्टार, फाइव स्टार होटल बन गए हैं लेकिन राजनांदगांव में महंत राजा दिग्विजय दास ने क्षेत्र के युवाओं की कॉलेज शिक्षा के लिए और खैरागढ़ में राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह ने अपना महल संगीत शिक्षा के लिए दान कर अनुपम उदाहरण पेश किया था। इन दोनों भवनों की वजह से आज राजनांदगांव की ख्याति संस्कारधानी के रूप में वैश्विक स्तर पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे दिग्विजय कॉलेज के परिसर में आने पर गौरव होता है। इस परिसर में प्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने अपना मूल्यवान समय दिया है। मुक्तिबोध जैसे हिंदी साहित्य के शीर्षस्थ कवियों ने अध्यापन किया है। ये शख्सियत दिग्विजय कॉलेज के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट की तरह हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े कॉलेज में पहले 400 विद्यार्थियों के लिए ही सेटअप था। प्राध्यापकों की कमी से कोई कॉलेज कैसे बेहतर तरीके से शिक्षा दे सकता है। सेटअप बढ़ाया गया और पहले के 46 पदों की तुलना में 96 पदों का सेटअप दिया गया। मुख्यमंत्री ने अपने आस्ट्रेलिया यात्रा के अनुभवों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आस्ट्रेलिया में डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर जैसे प्रमुख पदों पर कई भारतीय कार्यरत हैं। भारत अब भी विश्वगुरु है। भारतीयों के डीएनए में ज्ञान का भंडार है। उन्होंने कहा कि यूरोप जब डार्क एज में था तब भारत में श्रेष्ठ वैदिक ऋचाओं की रचना की जा रही थी।डॉ. रमन सिंह ने युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपकी पीढ़ी हमारी पीढ़ी से यादा ऊर्जावान हैं और आप उज्ज्वल भारत के भविष्य के प्रणेता हैं। उन्होंने  युवाओं को सीख देते हुए कहा कि किताबों के ज्ञान के अलावा अपने परिवेश की समझ भी रखें। आप ग्लोबल सिटीजन बनें। अगर आप दुनिया के ज्ञान और तकनीक के साथ कदमताल नहीं करेंगे तो आप पिछड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन में छिपा ज्ञान अ˜ुत है इसका सकारात्मक उपयोग आपको दिशा देगा। लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा का प्रसार अंदरूनी क्षेत्रों तक होए लोगों को न्यूनतम दूरी तय करनी पड़े। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नये कॉलेज बनाये हैं। इस बजट में औंधी और ठेलकाहीड में कॉलेज की स्थापना की घोषणा की गई। साल्हेवारा से औंधी तक हर जगह महाविद्यालयों की सुविधा से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरूआत हुई है। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह ने महाविद्यालय की उपलब्धियों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने शासन द्वारा महाविद्यालय को समय-समय पर नवाचार के लिए दी जाने वाली सहायता के लिए आभार भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर महाविद्यालय के भूतपूर्व प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं महाविद्यालय से पढ़ाई कर चुके और अब सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक,  प्रशासनिक एवं खेल जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान किया। इस अवसर पर  राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामजी भारती, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी, राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, राज्य उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अकरम कुरैशी, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राज्य खाद्य आयोग के सदस्य श्री अशोक चौधरी, राज्य गृह निर्माण मंडल के सदस्य श्री नरेश डाकलिया, राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. रेखा मेश्राम, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्री रमेश पटेल, नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, राज्य अंत्यावसायी विŸा विकास निगम के सदस्य श्री पवन मेश्राम, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री भरत वर्मा एवं श्री दिनेश गांधी,  पूर्व महापौर श्री विजय पाण्डे, श्री सुरेश एचलाल, पूर्व मंडी उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत सहित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाण्डे, महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र एवं पूर्व मंत्री श्री धनेश पाटिला एवं श्री गोवर्धन नेताम, पùश्री सम्मानित पुखराज बाफना, रिटायर्ड आईएएस श्री भरत अग्रवाल, शिक्षाविद् डॉ. हेमलता मोहबे, डॉ. गणेश खरे, प्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती कविता वासनिक सहित महाविद्यालय के भूतपूर्व और विद्यार्थी कलेक्टर श्री भीम सिंह सहित अन्य कई वरिष्ठजन उपस्थित थे।

 

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