अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामले में मुख्यमंत्री रमन सिंह को सुप्रीमकोर्ट से मिली बड़ी राहत

०० कोर्ट ने कहा कि कोई ऐसा आधार नहीं मिला,जिससे याचिकाकर्ता को कोई राहत दी जा सके

रायपुर| अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने के मामले में मुख्यमंत्री रमन सिंह व उनके बेटे अभिषेक सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वराज अभियान की याचिका खारिज कर दी है जिसमें उसने घोटाले के आरोपों की एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि हमें कोई ऐसा आधार नहीं मिला, जिससे याचिकाकर्ता को कोई राहत दी जा सके। याचिका में कहा गया था कि इस खरीद के लिए घूस दी गई और 30 फीसदी कमीशन दिया गया। याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भी इस विवाद से जुड़े हैं क्योंकि 6.3 मिलियन डॉलर के हेलीकॉप्टर खरीदने के छह महीने बाद उन्होंने एक शेल कंपनी बनाई।

2007 में छतीसगढ सरकार द्वारा अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट को तय करना था कि हेलीकॉप्टर खरीद फरोख्त की स्वतंत्र जांच कराई जाए या नहीं। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों को कहा कि जिसको भी लिखित जवाब दाखिल करना है वे कर सकते हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने रमन सिंह सरकार से हेलीकॉप्टर खरीदने संबंधी फाइल तलब की थी। एक हफ्ते में राज्य सरकार को मूल दस्तावेज की फाइल कोर्ट में देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था आखिर अगस्ता हेलीकॉप्टर ही खरीदा जाएगा ये फैसला किसने लिया? ये जानना जरूरी है कि जब चीफ सेक्रेट्री ने नोट में किसी भी हेलीकॉप्टर की बात लिखी तो फिर अगस्ता के लिए ही टेंडर क्यों जारी हुआ। याचिककर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से तय कीमत से ज़्यादा पैसे देकर हेलीकॉप्टर खरीदा और इसके लिए कागजात इस तरह से तैयार किए गए थे कि अगस्ता-वेस्टलैंड के अलावा कोई दूसरी कंपनी इस प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाए। याचिका में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और झारखंड में भी अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़े दस्तावेज पेश किए गए। इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार ने इसके लिए करोडों रुपये कमीशन दिया, पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।

सत्य की जीत और झूठ की राजनीति करने वाले चारो खाने चित :- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरम लाल कौशिक ने उच्चतम न्यायालय द्वारा नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव की याचिका खारिज करने पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आज शुभ दिन महाशिवरात्रि के दिन यह फैसला आना सत्य की जीत है और झूठ की राजनीति करने वाले चारो खाने चित हुए है।एक के बाद एक  कांग्रेस का झूठ बेनकाब हो रहा है  और सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अपने आप मे बहुत महत्वपूर्ण है जिसने कॉंग्रेस के गुबारे की हवा निकाल दी। धरम लाल कौशिक ने कहा कि इस फैसले से मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और सांसद अभिषेक सिंह बेदाग साबित हुए है ।

 

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