चैम्बर की लड़ाई का खामियाजा व्यापारी भुगत रहे : राजकुमार राठी

रायपुर| छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार राठी ने कहा है कि चैम्बर के पदाधिकारियों की आपसी लड़ाई के कारण राज्य सरकार को समय पर सुझाव नही मिलने के कारण मंडी शुल्क खत्म करना,प्रदेश में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना,पेट्रोल डीजल की कीमत में कमी,छोटे और मध्यम उद्दोगों को बिजली दरो में राहत नही मिल पाई राज्य शासन का ध्यान इन मुद्दों पर नही गया, इन सारी बातों को खुद अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया है कि इस बार चैम्बर को राज्य सरकार द्वारा तवज्जो नही मिली।

राठी ने कहा है कि इन सब बातों के लिए अध्यक्ष श्री बरलोटा खुद ज़िम्मेदार है। हमारे चैम्बर के संरक्षक श्री श्रीचंद सुंदरानी जो राज्य सरकार में व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करते है और उनके माध्यम से व्यापारी समाज की कई समस्या का निराकरण माननीय मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह द्वारा किया गया है। आज इस बजट में हम श्री सुंदरानी जी का लाभ क्यों नही ले पाए?? ये मंथन का विषय है। श्री राठी ने कहा है कि चैम्बर की लड़ाई के चलते पूरे प्रदेश में चैम्बर के जिलाध्यक्ष की नियुक्ति अटकी हुई है और प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां लगभग शून्य हो गयी है, श्री बरलोटा इस पर भी विचार करे।

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