विधानसभा: प्रदेश की कानून व्यवस्था पर डाहरे ने उठाए सवाल, गृहमंत्री ने कहा जांच में लगता है समय

०० दुष्कर्म में 4 महिलाओं की मौत, 37 मामलों में चालान पेश नहीं कर पाई पुलिस 
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सुबह प्रश्रकाल के दौरान सदस्य सावला राम डहारे ने गृहमंत्री से कई मुद्दों पर जवाब मांगा। डाहरे ने मुख्यत: गृहमंत्री से प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पूछा कि, प्रदेश में दुष्कर्म के मामले में कितनी महिलाओं की मौत हुई और कितनी पीड़िताओं को सरकार ने मुआवजा दिया।
इसके जवाब में गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि, प्रदेश के दुर्ग जिले में दुष्कर्म के बाद 4 महिलाओं की मौत हत्या करने से हुई है। न्यायालय ने दुष्कर्म पीडि़ता को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है, लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया है। विधायक डाहरे ने कहा कि, 2-3 साल बीतने के बाद भी अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि, खुद कलेक्टर को तीन पत्र लिखने के बाद भी नहीं कलेक्टर ने उसका जवाब दिया और नहीं उस पर कार्रवाई की। सांवला राम डाहरे ने कहा कि, 37 प्रकरणों में पुलिस ने अब तक चालान पेश नहीं किया है। तभी गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि, जांच के बाद ही चालान पेश किया जाता है और विवेचना में समय लगता है। इस पर कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, दुष्कर्म पीडि़ता के मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं, बावजूद इसके कोर्ट के निर्देश का पालन क्यों नहीं किया जा रहा ?
वृक्षारोपण मामले में वनमंत्री को वोरा ने घेरा :  प्रश्रकाल के दौरान दुर्ग में वृक्षारोपण पर भी सवाल उठे। सवाल में विधायक अरुण वोरा ने पूछा कि, पिछले साल दुर्ग जिले के जिस स्थान पर वृक्षारोपण किया गया, उसी जगह और उतनी ही संख्या में दोबारा वृक्षारोपण कैसे कर दिया गया?  इस पर मंत्री महेश गागड़ा ने जवाब दिया कि, वहां पर जगह खाली थी, इसलिए वृक्षारोपण किया गया। इस पर उप नेता प्रतिपक्ष कवासी लखमा ने मंत्री महेश गागड़ा के जवाब पर असहमति जताई और जांच की मांग की। मंत्री ने जांच से इनकार कर दिया।

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