एक हज़ार करोड़ का घोटाला, पुलिस ने किया आरोपी को  गिरफ्तार 

०० टोगो रिटेल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर ग्रामीणों से किया था करोडो का फर्जीवाडा

रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद समेत देश के विभिन्न राज्यों से एक हज़ार करोड़ का घोटाला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया किया। आरोपी मुंबई निवासी पृथीपाल सेठी (63) है । मंगलवार को ये जानकारी पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने दी । उन्होंने कहा कि सेठी को मुंबई पुलिस ने विगत 29 जनवरी को मुंबई में गिरफ्तार किया था बाद महासमुंद पुलिस आरोपी को महासमुंद लाई।
पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि 2 साल पूर्व 18 दिसंबर 2015 को तुमगांव के जगदीश साहू के लिखित आवेदन पर तुमगांव थाने में मामला दर्ज था। धारा 420, 34 भादवि 3, 4 प्राईज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम एक्ट-1978 के तहत आरोपी एजेंट गणेश साहू और अन्य विरुद्ध मामला दर्ज था। विवेचना में पाया गया कि टोगो रिटेल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर ग्रामीणों से एकमुश्त पैसा लेकर पैसे को दुगुना करने की बात कही। उन्हें जीओ साईन माईन्स 02 मेटल्स, जैग पालिमर्स और मिलानी इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ब्रांड पत्र प्रदाय किए गए थे। इसमें निर्धारित तिथि को जमा रकम वापस किए जाने लेख है पर निर्धारित समय पर निवेशकों का पैसा वापस नहीं करने पर जगदीश ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी| विवेचना पर आरोपी एजेंट गणेश साहू और भिलाई जिला दुर्ग निवासी छत्तीसगढ़ एरिया मैनेजर प्रशांत मजूमदार को गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अन्वेषण से पता चला कि पृथीपाल सेठी इन कंपनियों का डायरेक्टर और मुख्य स्वामी है और उनकी तलाश लखनऊ, बाराबंकी, सल्तानपुर, दिल्ली और मुंबई में विगत दो वर्ष से की जा रही है।
सात सौ करोड़ देना बाकी : – आरोपी सेठी को गिरफ्तार करने मुंबई पुलिस से मदद चाही गई थी। महासमुंद पुलिस की लिखित सूचना पर मुंबई पुलिस ने 29 जनवरी को सेठी को मुंबई में गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस ने मुंबई जाकर सेठी को गिरफ्तार कर महासमुंद लाई । पूछताछ में सेठी ने कहा कि उनके की ओर से कुल 29 कंपनियां उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम आदि राज्यों में संचालित है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल के निवेशकों से प्रोफेशियल बांड जारी कर रकम प्राप्त की गई है। वर्तमान में उपरोक्त कंपनी बंद पड़ी हुई है और निवेशकों का करीब 700 करोड़ वापस किया जाना शेष है। महासमुंद जिले में ही करीब 53 लाख रुपए की देनदारी बकाया है। पुलिस अधीक्षक सिंह ने कहा कि महासमुंद में 246 लोगों से रकम ली गई थी जिनमें 70 को रकम वापस की जा चुकी है शेष 176 को रकम वापस की जानी है। प्रकरण में और तथ्य संकलित कि जा रहे हैं तथा रकम वापसी के लिए प्रयास किया जा रहा है। महासमुंद के अलावा भिलाई और गुवाहटी में सीबीआई गुवाहटी की ओर से भी सेठी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

 

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