सोने का शंख के नाम पर धोखाधड़ी, आरोपी उड़ीसा से गिरफ्तार

रायपुर। सोने के नकली शंख को साढ़े 16 लाख रुपए में बेचने के मामले में माना थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार किया है। माना थाना प्रभारी जितेन्द्र ताम्रकार ने कहा कि आरोपी सुशांतो सरदार (38) को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि, आरोपी ने ठगी के पैसों से 8 लाख रुपए कीमत का एक पिकअप वाहन खरीदा था, जिसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
डिजेन्द्र विश्वास (40) के साथ धोखाधड़ी हुई थी। नवरंगपुर उडि़सा निवासी शुशांतो सरदार ने 1 दिसंबर को उससे संपर्क किया। डिजेन्द्र सोने के जेवर बनाने का कारीगर है। 1 दिसंबर 2017 को शुशांतो डिजेन्द्र के घर आया। उसने डिजेन्द्र को बताया कि उसके पास पैतृक संपत्ति का एक सोने का शंख है। पैसों की जरूरत है इसलिए इसे बेचना है। डिजेन्द्र यह शंख खरीदने तैयार हो गया। शुशांतो बहला फुसलाकर डिजेन्द्र को ग्राम पावरविला 2 ले गया और पावर विला के जंगल में एक सोने का शंख दिखाया। फिर उस सोने के शंख का 16 लाख 50 हजार रुपए में सौदा तय किया। आरोपी शुशांतो सरदार ने बहुत ही सुनियोजित ढंग से फिर से सोने के शंख को लेकर डिजेन्द्र के रायपुर स्थित घर लेकर आया। डिजेन्द्र ने उधार लेकर आरोपी शुशांतो सरदार को 8 दिसंबर को 16 लाख 50 हजार रुपए दिया। जांच की बात पर आरोपी शुशांतो सरदार ने शंख में ज्यादा खराबी न हो इसलिये सोने के शंख में एक छोटा सा छेद है उसी से कुछ मात्रा में सोना निकाल कर असली होने की जांच करने की बात कही। डिजेन्द्र ने शंख के छेद से जांच के लिए चूरा निकाला। जांच में असली सोना निकला। इसके बाद फिर से जब सोने के शंख को तोडऩे की कोशिश की गई तो शंख पीतल का निकला। केवल शंख में जहां पर छेद था वहां पर आरोपी शुशांतो सरदार ने सोने के पाउडर उस छेद में डाल दिया था। इसके बाद डिजेन्द्र ने कई बार आरोपी शुशांतो सरदार के घर जाकर अपने पैसों की मांग की। लेकिन उसने पैसे को देने से साफ इंकार कर दिया। डिजेन्द्र ने इस संबंध में गांव में बैठक भी कराई लेकिन आरोपी वहां नहीं आया।

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