विकास कार्यो के नाम पर नगरपालिका बालोद मे शासन कि राशि का जमकर किया जा रहा है। दुरुपयोग

 

पुरानी बेहतर नाली को तोड़कर किया जा रहा है नई नाली का निर्माण।

कार्यालय में मौजूद तकनीकी अमले की निगरानी के बावजूद ठीक पीछे हो रहा है निर्माण।

कार्यालय में मौजूद तकनीकी अमले की निगरानी के बावजूद पुरानी नाली पर नई नाली का निर्माण सांठगांठ कर भ्र्ष्टाचार के पुख्ता प्रमाण है: नितेश वर्मा।

खिलानन्द नागे (बालोद) विकास कार्यो के नाम पर नगरपालिका बालोद में शासन की राशि का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुरानी नाली को अनावश्यक तोड़कर नया नाली निर्माण किया जा रहा है।
मामला नगरपालिका कार्यालय के ठीक पीछे वार्ड क्रमांक 04 में गौठान के पास पुरानी नाली को अनावश्यक तोड़कर किये जा रहे नये नाली निर्माण का है। अधोसंरचना मद की शेष राशि से उक्त स्थान पर पुरानी नाली को तोड़कर नई नाली का निर्माण किया जा रहा है।
अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण मद की शेष राशि से अनावश्यक निर्माण को शासन को क्षति और सरकारी धन का दुरुपयोग बताते हुवे जिला योजना समिति के सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने शिकायत करते हुए जांच कर अनावश्यक निर्माण को रोके जाने और दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।
कार्यालय में मौजूद तकनीकी अमले की निगरानी के बावजूद पुरानी नाली पर नई नाली का निर्माण सांठगांठ कर भ्र्ष्टाचार के पुख्ता प्रमाण है। गठजोड़ इतनी गहरी है कि स्थानीय निकाय के अधिकारियों को अनावश्यक निर्माण से शासन को हो रही क्षति से भी गुरेज नही।
सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि,नगरपालिका कार्यालय के पीछे हो रहे अनावश्यक निर्माण कार्य की जानकारी के बाद मेरे द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी,प्रभारी सहायक अभियंता और दोनों सब इंजीनियरों से उक्त अनावश्यक निर्माण को रोके जाने के निवेदन पर कार्य को रोका गया था।
उक्त निर्माण को गलत मानते हुवे रोके जाने के बावजूद निकाय के एक सब इंजीनियर ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। जबकि पहले कार्य शुरू होने पर नगरपालिका के प्रभारी सहायक अभियंता ने कार्य स्थल के निरीक्षण में माना कि पुरानी नाली ठीक है नये निर्माण की आवश्यकता नही है और वार्ड के लोगों का कहना है कि पुरानी नाली बेहतर है।
सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, टेंडर में निर्माण कार्य की समयावधि समाप्त हो जाने के बाद भी कार्य कराया जा रहा है। दो साल पहले वर्ष 2015 में वार्ड क्रमांक 04 में आरसीसी नाली निर्माण कार्य के लिये 16.23 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया था। उक्त कार्य को 4 माह में किया जाना था बावजूद इसके अनुबंध और नियम शर्तो के विपरीत दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्य कराया जा रहा है।
सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि,निकाय द्वारा पुरानी नाली को तोड़कर अनावश्यक नई नाली का निर्माण किस शासनादेश के तहत किया जा रहा है समझ से परे है। नगरपालिका द्वारा निविदा में निर्धारित समयावधि के लगभग दो साल बाद भी निर्माण की स्वयं कार्यवाही किसी सक्षम अधिकारी के अभिस्वीकृति बगैर की जा रही है।

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