चिरमिरी के विस्थापन को लेकर मेरे द्वारा दिए गए बयान को गलत तरीके से पेस करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। – विधायक श्याम बिहारी जायसवाल

छोटा बाजार बड़ा बाजार के नीचे प्रचुर कोयला भंडारित है जिस पर दोनों ही रहवासियों के आम सहमति से विस्थापन के दिशा में मेरे द्वारा किये जा रहे प्रयास और योजना का गलत अर्थों में प्रचारित करने की राजनीति निंदनीय है।।

(चिरमिरी) उक्ताशय के उद्गार मनेंद्रगढ़ विधानसभा विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी बड़ा बाजार व छोटा बाजार के विस्थापन उपरांत शहर से अन्यत्र बसाने के नाम पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के बयान के उपरांत कही। लिखित जानकारी देते हुए जायसवाल ने बताया कि बीते सप्ताह उनके द्वारा प्रेसवार्ता के दौरान किए गए प्रश्न कि आप के कार्यकाल के दौरान चिरमिरी मे तेजी से बंद होती खदानों तथा चिरमिरी शहर के अस्तित्व पर खतरा संबंधी सवाल पर मेरे द्वारा बताया गया था कि चिरमिरी शहर के गर्भ में प्रचुर कोयला संरक्षित है। उसके उत्खनन पर सुनियोजित योजना बनाए जाने की आवश्यकता है वर्तमान में बड़ा बाजार छोटा बाजार के घने बसाहट के नीचे 30 से 40 वर्षों का कोयला होने का अनुमान बताया गया है। यदि एसईसीएल प्रबंधन तथा इन स्थानों के सहनिवासियों के मध्य एक सशक्त समिति की मध्यस्थता में वार्ता कराई जाए और आम सहमति से विस्थापन नीतियों तथा स्थानीय रह निवासियों के बीच सकरात्मक सामंजस्य स्थापित हो तो विस्थापन उपरान्त कोयला उत्पादित किया जा सकता है। जिससे शहर के अस्तित्व में कथित रूप से बन रहे खतरे को दूर किया जा सकता है। वही मेरे द्वारा यह भी कहा गया था कि विस्थापन चर्चा के दौरान सभी के मध्य यह भी तय किया जाएगा कि इन विस्थापित परिवार को चिरमिरी क्षेत्रांतर्गत ही चिन्हांकित स्थल पर टाउनशिप तैयार कर सुव्यवस्थित संसाधनों के साथ बसाने की नीति प्रमुखता से रहेगी। जिससे रोजगार के साथ ही अच्छे ढंग से बिना अवरोध के कोयला उत्खनन हो सकेगा और व्यवस्थित सम्पूर्ण सुविधा के साथ चिरमिरी के अंदर ही कालोनियों का निर्माण होने से यहां के लोगो के अन्यत्र जाने की समस्या समाप्त हो सकेगी और रोजगार के अवसर भी निर्मित हो सकेंगे । किंतु मेरे इस चिरमिरी हित के बयान के विपरीत शहर के जिम्मेदार निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा गलत और भ्रामक रूप से प्रचारित किया जा रहा है कि चिरमिरी के लोगों को शहर से दूर दूसरे क्षेत्र में बसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। निश्चित रूप से इस गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से शहर में या तो भ्रम फैलाया जा रहा है या फिर शहर का अस्तित्व बचाने में हो रहे प्रयास पर अड़ंगेबाजी की नीति का अनुसरण। इस प्रकार के भ्रामक बयान बाजी तथा विस्थापन प्रक्रिया से पूर्व ही गंदी राजनीति का मंच तैयार करने के प्रयास की मैं तल्ख शब्दो मे निंदा करता हूं। साथ चिरमिरी शहर के अस्तित्व के रक्षा के लिए आम जनता की सहमति के साथ सभी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को एक मंच पर एकत्र होकर प्रयास करने कि बात भी दोहराता हूं।

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