14 हजार 574 वनवासी होगें बेघर तब जाकर बनेगा टाईगर रिजर्व

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा – भोरमदेव अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व बनाये जाने के मामले को लेकर विरोध की राजनीति एक बार फिर उबाल मारना शुरू कर दी है। कांग्रेस सरकार को मुख्यमंत्री गृह जिले में ही घेरकर मात देने की रणनीति बना रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने शासन और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि 14000 आदिवासी वनवासियो का भविष्य दांव में लगाकर सरकार टाईगर रिजर्व बनाना चाहती है। इससे ना ही कोई रोजगार मिलेगा और ना ही विदेशी शैलानी पर्यटन के लिए भोरमदेव आयेंगें ये सरकार का छलावा है। कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व बनाये जाने के प्रशासनिक कवायत आगे बढ़ते ही अब राजनीतिक रंग इस पर चढ़ने लगा है। जिला मुख्यालय में स्थित कांग्रेस भवन में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मो.अकबर ने भोरमदेव अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व बनाए जाने का खुला विरोध किया है तथा सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया है कि 14 हजार 5 सौ चौहत्तर आदिवासी वनवासी भाईयो का घर उजाड़कर बाघ के लिए रहवास बनाने की योजना इन लोगो को बर्बाद कर देगी। वन विभाग और जिला प्रशासन इन आदिवासी परिवारो के साथ धोखा कर रही है। तालाब,कुऑ और सड़क बनाए जाने के नाम पर कागजो में दस्तखत लेकर टाईगर रिजर्व के समर्थन में प्रस्ताव कर रही है। जिसका कांग्रेस पूरजोर विरोध कर रही है तथा वन विभाग व जिला प्रशासन के फर्जी कार्यवाही की कांग्रेस निंदा करती है।

उन्होने आरोप लगाया है कि टाईगर रिजर्व बनने से ना ही स्थानीय लोगो को रोजगार मिलेगा और ना ही विदेशी शैलानी यहां आयेंगें, यह सरकार और प्रशासन का फैलाया हुआ भ्रम है जिसमें 14 हजार 5 सौ चौहत्तर लोग बेघर होंगे। सरकार और वन विभाग अब तक प्रभावित लोगो को ये नही बता पाई है कि टाईगर रिजर्व बनने पर कोर और बफर जोन के लोगो को कहां व्यवस्थापित करेंगें। सरकार के प्रस्तावित टाईगर रिजर्व में कुल 624.75 वर्ग किमी भूभाग शामिल होगा, जिसमे कोर एरिया में 318.77 वर्ग किमी और बफर एरिया में 305.98 वर्ग किमी है जिसमें 109.66 वर्ग किमी राजस्व वन क्षेत्र शामिल है। सरकार इन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी वनवासी भाईयो का जमीन छीनकर बेघर बनाने जा रही है। जिसका कांग्रेस विरोध करती है।

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