रतनपुर कोटा लोरमी मार्ग प्रभावित किसान मुआवजा नहीं मिलने पर 6 फरवरी को करेंगे चक्काजाम

०० 106 करोड़ में बन रहे रतनपुर कोटा लोरमी मार्ग में मुआवजा नही देंने से पीड़ित किसानों ने कलेक्टर जनदर्शन में की फरियाद

संजय बंजारे

करगीरोडकोटा| एडीबी विभाग के द्वारा रतनपुर कोटा लोरमी सड़क का निर्माण जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ठेके पर देकर कराया जा रहा है लेकिन जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा लगानी भूमि पर बिना विधिवत आवंटन एवं मुआवजा दिए बगैर इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है जिस पर पीड़ित ग्रामीणों ने जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा निजी भूमि पर बिना आवंटन एवं मुआवजा दीय बगैर ही  सड़क निर्माण कार्य  किया जाने पर मुआवजा के लिये  गुहार जिला प्रशासन को लगाई है और आवेदन के माध्यम से कहा है कि अगर ठेकेदार अपना कार्य करना बंद नही करता  है तो 6 फरवरी को हम ग्रामीणों के द्वारा रतनपुर कोटा रोड पर चक्का जाम किया जाएगा।

रतनपुर कोटा लोरमी सड़क का निर्माण करने के लिए एडीबी विभाग ने 106 करोड़ में जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ठेके पर दी है रतनपुर और कोटा के बीच में ग्रामीणों की कृषि भूमि जमीन हमाली मोड़ के पास स्थित है जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के द्वारा रतनपुर से कोटा लोरमी तक सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है पिछले वर्ष इन ग्रामीणों के खेत का मेड़ पार को तोड़कर मिट्टी मुरूम डाला गया था तब से इन ग्रामीणों के द्वारा मुआवजा की मांग अनुभागीय अधिकारी कोटा से किया जा रहा है लेकिन राजस्व निरीक्षकों के द्वारा लगातार तीन तीन बार नाप जोक सीमांकन किए जाने के बाद भी आज तक भूमि आवंटन रऔर मुवावजा के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसे अब ये ग्रामीण प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैया से दुखी होकर गंभीर आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं इनके द्वारा जिला कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पत्र में कहा गया है कि  उचित वैधानिक कार्रवाई नहीं की जाती है तो ग्रामीण लोग अपने परिवार सहित ह अमाली मोड़ सड़क पर 6 फरवरी को मुआवजा के लिए चक्का जाम आंदोलन करेंगे।पीड़ित किसानों का आरोप है कि पिछले वर्ष ही उनके द्वारा हमारे खेत का मेड़ पार तोड़कर मिट्टी मुरूम डाला गया तब हम किसानों के द्वारा मुआवजा के संबंध में अनुभागीय अधिकारी कोटा के यहां आवेदन दिया गया था उसके बाद आर आई व पटवारी द्वारा सड़क पर अर्जित की जाने वाली भूमि का नाप तीन तीन बार किया गया लेकिन आज पर्यंत तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है

पीड़ित किसानों का आरोप है कि आज तक किसी भी विभाग से कोई भी सूचना भूमि सड़क हेतु अर्जित किए जाने के संबंध में हम किसानों के पास नहीं दिया गया है और ना ही कृषि भूमि पर सड़क निर्माण किए जाने हेतु विधिवत भूमि आवंटन किया गया है।
पीड़ित किसानों के द्वारा 15 जनवरी को सड़क निर्माण करने वाली जिंदल इंफ्रास्ट्रक्चर के सुपरवाइजर एवं इंजीनियर को काम करने के लिए रोका गया और कहा गया कि भूमि अर्जन किए बगैर और भूमि का फसल नुकसानी का मुआवजा दिए बगैर सड़क निर्माण कार्य नहीं कर सकते हैं लेकिन कंपनी के द्वारा रात में चोरी छुपे निर्माण कार्य कर पूर्ण करने के फिराक में कराया जा रहा है जिससे हम पीड़ित किसान के द्वारा आज जनदर्शन में कार्य रोकने की शिकायत की गई है।पिछले दिनों 16 जनवरी को पीड़ित किसानों द्वारा प्रशासन को इस संबंध में आवेदन दिया गया था कि 17 जनवरी से सांकेतिक धरना प्रदर्शन करते हुए अमाली मोड़ के पास तंबू लगाकर परिवार सहित बैठे हुए हैं, किंतु वर्तमान स्थिति तक प्रशासन की ओर से ना ही कोई जवाब दिया गया और ना ही कार्रवाई। रतनपुर,कोटा,लोरमी सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले पीड़ित किसान संजय तुलस्यान,  विनीत,लक्ष्मी,व रामचंद्र और अन्य पीड़ित किसानों का कहना है,कि हमारे जमीन पर कार्य बंद किया जाए या फिर हमें मुआवजा दिया जाए अन्यथा 6 फरवरी को हमारे द्वारा पूरे पीड़ित किसानों के साथ मिलकर रतनपुर कोटा रोड में चक्का जाम किया जाएगा। 6फरवरी को होने वाले चक्का जाम को गोंडवाना गड़तंत्र पार्टी ने समर्थन दिया है,इसकी जानकारी प्रभु जगत ने दी है, और उन्होंने कहा है,बेलगहना रोड मैं बनने वाली सड़क निर्माण करने से पहले आदिवासियों की जमीन का मुवावजा अब तक नहीं मिला है, जबकि सड़क निर्माण शुरू हो चुका मुआवजा की बात करने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व इंजीनियरिं द्वारा पीड़ित किसानों से दुर्व्यवहार किया जाता हैं, इसी कारण से अमाली रोड में होने वाले चक्काजाम को बेलगहना रोड के पीड़ित आदिवासी किसान शामिल होकर चक्का जाम को समर्थन देंगे ।

 

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