बस्तर के समग्र विकास के लिए नीति आयोग में हुई महत्वपूर्ण बैठक, विकास के अनेक प्रस्तावों पर बनी सहमति

०० सड़क, दूरसंचार, शिक्षा, उज्जवला योजना और  बैंको के विस्तार योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा

०० लगभग 600 कि.मी. अतिरिक्त सड़क निर्माण, दूरसंचार कनेक्टिविटीके लिए 65 करोड़ रूपये और 88 नयी बैंक शाखाएं खोलने पर सहमति
०० आत्मसमर्पित 1555 नक्सलियों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलेंगे मकान
नीति आयोग क्रियान्यन की करेगा समीक्षा

रायपुर| छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सड़क, दूरसंचार, शिक्षा, उज्जवला योजना और बैंकों  के विस्तार के अनेक प्रस्तावों को नई दिल्ली में आज नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में सैद्वांतिक सहमति मिली है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों को इन प्रस्तावों पर तेजी से क्रियान्वयन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग इन योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित रूप से समीक्षा करेगा।
नीति आयोग में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अजय सिंह के नेतृत्व में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, अन्य सदस्यों और भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों से प्रस्तावों पर व्यापक विचार विमर्श किया। मुख्य सचिव ने बताया कि बैठक में बस्तर में राष्ट्रीय सड़क प्रोजेक्ट 2 के तहत 600 किलोमीटर अतिरिक्त सड़क मार्ग के निर्माण पर सैद्धांतिक सहमति बन गयी है । गृह मंत्रालय के विशेष सचिव ने बैठक में आश्वस्त किया है कि वे इस प्रस्ताव का प्राथमिकता के साथ क्रियान्यन करेंगे। दूरसंचार सेवाओं के विस्तार और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 65 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान करने पर भी सहमति बनी। इस राशि से बस्तर मंे जिलों से विकास खंडो तक कनेक्टिविटी का विस्तार और फेज एक में  402 टॉवर और फेज दो में 1028 टेलिकॉम टॉवर की स्थापना के कार्य को तेज किया जायेगा।
बैठक में बस्तर में शिक्षा सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए 10 वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित विकासखंडो को शैक्षणिक रूप से पिछड़े विकासखंड घोषित करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही  कस्तूूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को हाई स्कूलों और अतिरिक्त कन्या छात्रावासों की स्वीकृति तथा विद्या मितान योजना को राष्ट्र्ीय माध्यमिक शिक्षा मिशन के तहत सहायता प्रदान करने की भी सहमति हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत बस्तर 26 नये एलपीजी वितरकों की एजेंसी के आपरेशनल होने तक राज्य के केरोसिन का कोटा बरकरार रखा जायेगा। बैठक में बताया गया कि उज्जवला योजना के तहत अब परिवार की उन महिला सदस्यों को भी रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किया जायेगा जो सर्वेक्षण के समय नाबालिग थी लेकिन अब बालिग हो गयी है।     उन्होंने कहा कि बैठक में बस्तर में दूरदराज के ग्रामीणों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बैंकिग सुविधाओं के विस्तार पर भी सहमति बनी। भारत सरकार इस पर तत्काल बैंको से चर्चा कर 88 नयी बैंक शाखाएं खोलना सुनिश्चित करेगी। भारत सरकार के वित्तीय सेवाओं के सचिव शीघ्र ही इस कार्य की समीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ का भ्रमण भी करेंगे।     मुख्य सचिव ने बताया कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने 1555 आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्रदान करने पर भी सहमति प्रदान कर दी है जिनके नाम 2011 के सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में नहीं थे। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव को निर्देशित किया कि वे तत्काल इन प्रकरणों को निराकरण करे।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, उज्जवला गैस गोदाम , सामुदायिक भवन, दिव्यांगजन के लिए बनने वाली अधोसंरचनाएं और बस डिपो आदि को भी नान-लीनियर आईटम को छूट वाली सूची में शामिल करने पर सहमत हो गयी है। इससे बस्तर में इन संरचनाओं के निर्माण में आ रही मुश्किलें आसान होगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर और श्री बी.वी.आर. सुब्रहमण्यम, प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन और श्री सुब्रत साहू , सचिव श्री विकास शील और श्री सुबोध कुमार सिंह, आवासीय आयुक्त छत्तीसगढ़ भवन श्री संजय कुमार ओझा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

error: Content is protected !!