भूपेश बघेल के तल्ख ब्यान से सकपकाये भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा जनता से सफेद झूठ बोल रहे है-विकास तिवारी

रायपुर| प्रदेश के शिक्षाकर्मियों को मजदूर और छोटे कर्मचारी बोलने पर बीजेपी नेता मोहन एंटी के ब्यान शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर बीजेपी नेता मोहन एंटी भाजपा ने बयान जारी किनारा कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री भूपेश बघेल द्वारा टिवीटर में दिये गये प्रतिक्रिया जिसमे उन्होंने कहा कि *”@BJP4CGState मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, इसलिए उन्हें शिक्षाकर्मी नेता मजदूर नजर आते हैं। भाजपा को इस शर्मनाक एवं दुखद बयान के लिए शिक्षकों एवं राज्य की ढ़ाई करोड़ जनता से माफी मांगनी चाहिए”, इस ब्यान से सकपकाये भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि ‘शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर मोहन एंटी का बयान पार्टी का अधिकृत बयान नहीं है, इस मसले पर पार्टी संज्ञान लेगी’

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने भाजपा के इस ब्यान पर पलटवार करते हुवे कहा है,कि भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा जनता को गुमराह करने के लिये सफेद झूठ बोल रहे है,राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता मोहन एंटी पार्टी के अधिकृत मीडिया पेनेलिस्टो में से एक है,प्रदेश भाजपा के *कुल चार प्रवक्ता शिवरतन शर्मा,श्रीचंद सुंदरानी,सचिदानंद उपासने,संजय श्रीवास्तव प्रवक्ता है,और नैव मीडिया पैनलिस्ट सुभाष तिवारी,संदीपशर्मा,सुनील सोनी,मोहन एंटी,बृजेश पांडेय,केदारनाथ* *गुप्ता,सत्यम दुवा,श्रीमतीं  शोभा सोनी और विजय शर्मा* है,जो विभिन्न न्यूज़ चैनलो ने भाजपा की ओर से पार्टी गाइड के मुताबिक डिबेट में शिरकत करते है,इस अधिकृत सूची को भाजपा के मीडिया विभाग द्वारा भेजा गया है,इसी के मुताबिक ही न्यूज़ चैनलो द्वारा भाजपा प्रवक्ताओं और पेनेलिस्टो को चर्चा-परिचर्चा में बुलाया जाता है।इसके अलावा भाजपा मीडिया विभाग के नलनेश ठोकने द्वारा किसान मोर्चा,भाजयुमो नेताओ को भी परिचर्चा में न्यूज़ चैनलो में भेजा जाता है।प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा नेता मोहन एंटी ने टीवी डिबेट के दौरान अपना पक्ष भाजपा के अधिकृत पैनलिस्ट के रूप में,कांग्रेस से प्रवक्ता विकास तिवारी और शिक्षाकर्मी संघ से जितेन्द्र शर्मा उपस्थित थे। प्रवक्ता शिवरतन शर्मा अपनी पार्टी के नेता की गलती मानने की जगह जनता को गुमराह कर रहे है,भाजपा को तत्काल अपने नेता मोहन एंटी के ब्यान पर 1 लाख 80 हजार शिक्षा कर्मी गुरुजनो से माफी मांगनी चाहिये।

 

 

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