नौजवान पीढ़ी पर गणतंत्र कायम रखने की जिम्मेदारी: राज्यपाल टंडन

०० राजधानी रायपुर में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण

रायपुर| छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में 69 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में झंडारोहण किया, परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और जनता को संबोधित किया। देश भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित समारोह के दौरान सशस्त्र बलों के जवानों ने हर्ष फायर किया। इस अवसर पर रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गये। समारोह में श्री टंडन ने देश की आजादी में योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को, शाल एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस के अधिकारियों, जवानों को वीरता पदक, बहादुर बच्चों को राज्य वीरता पुरस्कार सेे सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए तथा विभिन्न विभागों द्वारा राज्य में पिछले 14 वर्षों के विकास पर आधारित आकर्षक झांकियां भी निकाली गई। समारोह में मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम.के. राउत, पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय, राज्यपाल के सचिव श्री एस.के. जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय पिल्ले सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे| इस अवसर पर राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन ने देश-विदेश सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त निवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के उन अमर शहीदों को भी नमन किया जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान देकर देश की रक्षा की। उन्होंने सीमा पर तैनात प्रहरियों का भी अभिनंदन किया जो दिन-रात चौकस रहकर देश की एकता और अखण्डता की रक्षा कर रहे हैं। इस महान राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर उन्होंने देश और छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी याद किया।

राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि देश की आजादी को सलामत रखने की जिम्मेदारी आम जनता विशेष कर हमारी नौजवान पीढ़ी पर है। जिस किसी देश की नौजवान पीढ़ी, देशभक्ति और देश सेवा की भावना से ओतप्रोत होती है वह देश, पूरी दुनिया में किसी भी मामलों में पीछे नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हम जिस स्थान पर भी कार्य करते हैं वहां पर अपने कर्तव्यों का पूर्णतः पालन कर भी देशभक्ति प्रदर्शित कर सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ’सबका साथ-सबका विकास’ का जो मंत्र दिया है उसमें देश की एकता और अखंडता की भावना छिपी हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा देश को मजबूत करने तथा एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक नवीन पहल की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य भी इस दिशा में कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि गणतंत्र की मजबूती के लिए राज्य शासन द्वारा अनेक सराहनीय कदम उठाए गए हैं। एकात्म मानववाद तथा अन्त्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है और प्रदेश सरकार के ऐसे विशेष प्रयासों से समाज के अंतिम तबके के अंतिम व्यक्ति का सशक्तीकरण अर्थात् ‘अन्त्योदय’ हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नागरिकों को खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सबसे पहले युवाओं को कौशल विकास का अधिकार दिया गया। मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर में कमी तथा संस्थागत प्रसव में वृद्धि जैसे तथ्य स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता की कहानी स्वयं बयान करते हैं। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था, बोनस का भुगतान तथा विभिन्न योजनाओं से किसानों के स्वावलंबन में मदद मिली है। इस वर्ष शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 38 सौ करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का बड़ा लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से लगभग 33 सौ करोड़  रूपए के कृषि ऋण का उठाव अभी तक हो चुका है। राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 450 रूपए से बढ़ाकर गत वर्ष 18 सौ रूपए प्रति मानक बोरा किया गया था जिसे इस वर्ष पुनः वृद्धि करते हुए यह दर 25 सौ रूपए की गई है। इसके अतिरिक्त 274 करोड़ रूपए से अधिक का बोनस भी वितरित किया गया है। विगत एक वर्ष में लघु वनोपज संग्राहकों के करीब 22 हजार बच्चों को लगभग 9 करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति दी गई है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने अपना नया मॉडल अपनाया और 35 लाख गरीब परिवारों की रसोई को धुंआमुक्त करने का निर्णय लिया, जिसमें से 18 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर का चूल्हा, पहला भरा सिलेण्डर दिया जा चुका है। ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना-सौभाग्य’ के तहत प्रदेश का हर घर इस वर्ष रोशन हो जाएगा। प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा से बेहतर रोजगार की ओर ले जाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। छात्रावासों, आश्रम शालाओं, प्रशिक्षण केन्द्रों तथा उनकी सीटों की संख्या में वृद्धि के साथ ही शिष्यवृत्ति की दर भी बढ़ाई गई है। ‘प्रयास’ संस्था में पढ़े-लिखे इन वर्गों के करीब 700 बच्चे आई.आई.टी., एन.आई.टी., मेडिकल तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पा चुके हैं। वहीं ‘उत्कर्ष आदिवासी यूथ हॉस्टल’ नई दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाले 21 युवाओं का चयन यू.पी.एस.सी., पी.एस.सी. तथा अन्य सेवाओं में हुआ है। श्री टंडन ने कहा कि अधिसूचित की गई अनुसूचित जनजातियों तथा अनुसूचित जातियों के नाम अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद के कारण उनके हिन्दी उच्चारण में कुछ अंतर आ गया था, जिसके कारण इनके जाति प्रमाण पत्र जारी होने में समस्या आ रही थी। राज्य सरकार ने उच्चारणगत अंतर को मान्य करते हुए इस समस्या का भी हल कर दिया है। अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण हेतु निर्धारित आय-सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रूपए प्रतिवर्ष किया गया है। प्रदेश में सिंचित रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए चलाए जा रहे अभियान ‘लक्ष्य भागीरथी’ को बड़ी सफलता मिली है। राज्य गठन के समय प्रदेश की सिंचाई क्षमता लगभग 23 प्रतिशत थी, जो शासन के प्रयासों से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है और जिसे 2028 तक 32 लाख हेक्टेयर में विस्तार का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2017 में अल्पवर्षा के कारण प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने संवेदनशीलता व तत्परतापूर्वक कदम उठाए। 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया। सूखा प्रभावित तहसीलों में भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार राजस्व वसूली माफ की गई।

 

छत्तीसगढ़ सरकार ने अनेक योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों तथा उनके परिवारों की बुनियादी आवश्यकताएं पूरी की हैं। हाल ही में प्रारंभ की गई ‘पं. दीनदयाल श्रम अन्न सहायता योजना’ के अंतर्गत मजदूरों के एकत्र होने के स्थान, ‘चावड़ी’ में राज्य सरकार द्वारा एक केन्द्र बनाकर 5 रूपए में गरम पौष्टिक भोजन देने की व्यवस्था की जा रही है। 4 जिलों- रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा बिलासपुर में 7 केन्द्र खोले जा चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण और सुविधाजनक परिवहन के साथ सायकल व ऑटो रिक्शा चालकों की बेहतरी हेतु ‘मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना’ शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत अनुदान की राशि 30 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। रोजगार सृजन को लेकर प्रदेश में अपनाई गई सुनियोजित कार्यप्रणाली के कारण इस वर्ष 748 लाख मानव दिवस रोजगार का सृजन किया गया। प्रदेश में लगभग 1 लाख 13 हजार परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिया गया। 50 दिवस अतिरिक्त रोजगार देने की व्यवस्था के तहत 22 लाख मानव दिवस अतिरिक्त रोजगार का सृजन किया गया। ‘महिला किसान सशक्तीकरण’ योजना के तहत डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।
‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत 3 वर्षों में लगभग 11 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है । प्रदेश के सभी 168 नगरीय निकायों तथा 18 हजार 851 ग्रामों को ओ.डी.एफ. घोषित किया जा चुका है। इस तरह राज्य सरकार अपने संकल्प के मुताबिक इस वर्ष शत-प्रतिशत ओ.डी.एफ. राज्य बनाने की ओर सफलतापूर्वक बढ़ रही है।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए पॉलीथिन, फ्लैक्स के उपयोग एवं खेतों में फसल के अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बड़े शहरों में दिसम्बर से जनवरी के मध्य पटाखे जलाने पर भी रोक लगाई गई है। ऐसे विभिन्न प्रयासों के कारण रायपुर शहर में ‘एयर क्वालिटी इंडेक्स’ 266 से घटकर 84 तक पहुंच गया है, जो बड़ी सफलता का प्रतीक है।
‘मिशन स्मार्ट सिटी’ के अंतर्गत रायपुर, नया रायपुर तथा बिलासपुर का चयन एक अहम उपलब्धि है। ‘मिशन अमृत’ के अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर और जगदलपुर में 1700 करोड़ से अधिक की लागत के कार्य चल रहे हैं। अंबिकापुर मॉडल पर राज्य के सभी नगरीय निकायों में ‘मिशन क्लीन सिटी योजना’ संचालित की जा रही है, जिससे 8 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिला है। ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना’ के तहत 1 करोड़ 28 लाख नए खाते खोलकर छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। दूरस्थ अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए नक्सल प्रभावित जिलों में 86 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं। 30 हजार किलोमीटर से अधिक अच्छी सड़कों का संजाल, हर जिले में हेलीपैड तथा रायपुर के अलावा अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर, बलरामपुर, जशपुर में विमान तल/हवाई पट्टी का विकास किया गया है, ताकि ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत सस्ती घरेलू विमान सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा सके।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में टेलीकॉम कनेक्टिविटी के लिए त्रिस्तरीय वृहद कार्ययोजना शुरू की गई है। इसके तहत सभी पंचायतों को ‘भारत नेट’ के माध्यम से एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों को ‘बस्तर नेट’ के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार स्काय (संचार क्रांति योजना) के माध्यम से 56 लाख परिवारों को स्मार्टफोन दिये जाएंगे तथा मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी।
श्री टंडन ने कहा कि सुरक्षा और विकास के साथ संचार-क्रान्ति से नक्सलवाद जैसी समस्या को भी शीघ्र समाप्त करने में मदद मिलेगी। देश की एकता और अखण्डता की रक्षा तथा आंतरिक सुरक्षा के लिए दी गई शहादतों का सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य है। वामपंथी उग्रवादी हमारे संविधान और लोकतंत्र का सम्मान करें और हथियार डाल दें, तो उनसे वार्ता के रास्ते भी खुले हुए हैं, लेकिन किसी भी हालत में हिंसा और संविधान विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

 

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