छात्रावास के बच्चों ने रो रो कर एसडीएम को बताई अपनी आपबीती

अंकल – मैडम हमसे अपने घर का काम कराती है। हमको बहुत मारती है।                                                                                                                                   अंकल – हमें मैडम अपने घर पर काम कराने ले जाती है अगर हम लोग काम करने से मना करते है तो मैडम हमको बहुत मारती है।                                                                                                                                       यह पीड़ा आदिवासी कन्‍या आश्रम की छात्राओं ने एसडीएम के सामने व्‍यक्‍त की।।                                                                                                                डी सी बघेल (कोरिया) जिला मुख्यालय से लगभग 150 किलोमीटर दूर विकासखंड मुख्यालय जनकपुर में संचालित आदिवासी कन्या आश्रम में रहने वाली छात्राओं की शिकायत पर जब एसडीएम भरतपुर जांच करने पहुंचे तो बालिकाओं ने रोते-रोते अपनी कहानी बयां की
इस आश्रम में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक की पचास छात्राएं रहती है इन छात्राओं के साथ अमानुषिक व्यवहार किए जाने तथा अधीक्षिका रूफीना खलखो द्वारा अपने घर में झाड़ू-पोंछा करवाने तथा छात्राओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने की शिकायत एसडीएम भरतपुर रवि राही को लगातार मिल रही थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम भरतपुर ने आदिवासी कन्या आश्रम जनकपुर का औचक निरीक्षण किया। एसडीएम को देख छोटी छोटी बालिकाएं फफक फफककर रो पड़ी जब एसडीएम ने बालिकाओं से रोने की वजह पूछी तो मासूम बच्चों ने बताया कि अंकल मैडम हमको बहुत मरती है। अपने घर के सारे काम करवाती है। अगर हम लोग काम करने से मना करते है। तो मैडम हम लोगों को बहुत मरती है। बच्चों का हाल सुनते ही तत्काल एसडीएम ने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को इसकी जानकारी दी और कार्यवाही करते हुए छात्रावास अधिक्षिका रूफिना खलखो को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल विद्यालय चिडौला मे भेज दिया गया। वर्तमान मे व्यवस्था बनाने के लिए एक दुसरे छात्रावास वार्डन मधुबाला सिंह को कार्यभार सौंपा गया है।

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