बांस उत्पादन एवं टिश्यू कल्चर पौधरोपण पर विशेष जोर देने मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

०० मुख्य सचिव ने की वन विभाग के काम-काज की समीक्षा

रायपुर| मुख्य सचिव अजय सिंह ने मंत्रालय में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में लघु वनोपज संग्रहण, वृक्षारोपण, वनों की सुरक्षा एवं वन्यप्राणी संरक्षण, राज्य कैम्पा निधि के कार्यो, तेन्दुपत्ता संग्रहकों को बोनस, हर्बल प्रसंस्करण एवं विपणन केन्द्रों, राज्य वन औषधि पादप बोर्ड सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को वृक्षारोपण के लिए नदी तटों की सर्वे कराकर कार्य योजना तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री बाड़ी बांस योजना के तहत बांस उत्पादन और राज्य कैम्पा मद से टिश्यू कल्चर पौधरोपण पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री सी.के.खेतान ने प्रस्तुतिकरण के जरिये वनों की सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य का कुल वन क्षेत्रफल 59 हजार 772 किलोमीटर है। राज्य में 19 हजार 720 गांवों में से 11 हजार 185 गांव वन क्षेत्रों से पांच किलोमीटर के दायरें में है, इनके जीवकोपार्जन का मुख्य स्रोत वन है। उन्होंने बताया कि वनों की सुरक्षा के लिए राज्य में 7887 वन प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को वर्ष 2016-17 में काष्ठ एवं बांस कूप के विदोहन से 41 करोड़ 25 लाख का लाभांश का वितरण किया गया। श्री खेतान ने बताया कि वर्ष 2016-17 में 405 करोड़ रूपए का वन राजस्व प्राप्त हुआ है। वनों की अग्नि से सुरक्षा के लिए सभी 3411 बीटों में एक-एक अग्नि रक्षक तैनात किए गये है। राज्य में उपग्रह आधारित फायर अलार्म सिस्टम लागू किया गया है।बैठक में बताया गया कि राज्य में वर्ष 2005 से हरियाली प्रसार योजना शुरू की गयी है। इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में 21 हजार 397 हितग्राहियों की भूमि पर लगभग दो करोड़ 97 लाख पौधो का रोपण किया गया है। तेन्दुपत्ता संग्रहकों द्वारा वर्ष 2017 में 17 लाख 10 हजार मानक बोरा तेन्दुपत्ता संग्रहित किया गया एवं संग्रहकों को 307 करोड़ आठ लाख का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के तेन्दुपत्ता संग्रहकों को इस वर्ष 274 करोड़ 54 लाख रूपए का बोनस वितरित किया गया। मुख्यमंत्री बाड़ी बांस योजना के तहत वर्ष 2017-18 में तीन लाख 43 हजार बांस पौधो का रोपण किया गया है। बैठक में सचिव वन श्री अतुल कुमार शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. आर.के. सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान डॉ.ए.ए. बोआज, राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आर.के. गोवर्धन, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस.सी. अग्रवाल, राज्य लघु वनोपज संघ के कार्यकारी निदेशक श्री कौशलेन्द्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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