पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण का उद्देश्य जनता के साथ सदभावना पूर्ण व्यवहार: विज

०० बाल अपराधों की रोकथाम विषय पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

रायपुर| राज्य में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और मानव तस्करी तथा बाल अपराध पर नियंत्रण विषय पर पुलिस अकादमी के लिए द्वितीय चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस आकादमी चन्दखुरी में आज संपन्न हुआ। दो सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुये। यह प्रशिक्षण इस महीने की आठ तारीख से शुरू हुआ था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) श्री आर. के. विज ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह है कि वे आम जनता के साथ सद्भावना पूर्ण व्यवहार करें। प्रदेश भर के प्रशिक्षण में सम्मिलित अधिकारियों केा संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के लिए प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब इस प्रशिक्षण का समुचित लाभ आम जनता को तथा बच्चों को वास्तविक रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने किशोर न्याय (बालकों का देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015) जुवेनाइल जस्टिस एक्ट लागू किया। इसमें बच्चों के अधिकारों के संरक्षण तथा बच्चों पर किये जाने वाले अपराध और बच्चों द्वारा किये जाने वाले अपराध की विवेचना का विस्तार पूर्वक नियमों का प्रावधान किया गया है यदि कोई भी पुलिस अधिकारी इसका अध्ययन करके पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा तो हमें अपराधी को दण्ड दिलाने में यह कानून कारगर सिद्ध होगा। श्री विज ने कहा कि समाज का प्रत्येक बच्चा देश का भविष्य होता है, अतः बच्चों के पालन-पोषण से लेकर उसकी शिक्षा तक सभी उचित वातावरण में हो यह सुनिश्चित करना समाज के साथ-साथ पुलिस की भी अहम जिम्मेदारी है। इसलिये वे पुलिस अधिकारी यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने कार्य क्षेत्रों में जाते हैं वहां पर भी इस प्रशिक्षण का सार्थक परिणाम दिखाई देना चाहिये। श्री विज ने कहा कि अच्छी पुलिसिंग के लिये पुलिस अधिकारी का पद महत्वपूर्ण नहीं होता है एक पुलिस अधिकारी से आमजनों से घुलमिल कर रहना उनके सुख-दुख में भागीदार होना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, बल्कि श्री विज ने अपने अनुभवों को साझा करते हुये कहा कि कई बार उन्होंने अपने प्रवास के द्वारा ग्रामीण जनों से पुलिस अधिकारियों के मित्रवत व्यवहार की प्रशंसा भी सुनी है। अतः प्रत्येक पुलिस अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन रूचि लेकर करना चाहिए ताकि उसका महत्व बढ़े तथा आम नागरिक के मन में पुलिस के प्रति निश््वास की भावना जागृत हो सके। श्री विज ने यह भी कहा कि आधुनिकीकरण के इस दौर में तकनीकी काफी तेजी से विकसित हो रही है। इन्टरनेट अब ग्राम पंचायतों तक पहुंचने लगा है। पुलिस को अपने साथ-साथ आम नागरिकों को भी जागरूक करना होगा तथा साइवर क्राईम, बैंक-ए.टी.एम. क्राईम से निपटा जा सकेगा और अपराधियों केा दण्ड दिलाया जा सकेगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक श्री एस. सी. द्विवेदी ने कहा कि पुलिस को कानून की पुस्तकें पढ़ने के साथ-साथ उन कानूनों की भावनाओं को भी समझने और उसको लागू करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री सुजीत कुमार, श्री गिरीजा शंकर जायसवाल, श्रीमती पूजा अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

 

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