स्वर्गीय लालबहादुर शास्त्री की सादगीपूर्ण जीवन शैली हम सबके लिए प्रेरणादायक: डॉ. रमन सिंह

०० मुख्यमंत्री ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री शास्त्री की पुण्य तिथि पर उन्हें याद किया: विनम्र श्रद्धांजलि दी

रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 11 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री की पुण्य तिथि पर उन्हें याद किया है और विनम्र श्रद्धांजलि दी है। डॉ. सिंह ने आज यहां जारी अपने एक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय श्री शास्त्री की सहज-सरल और सादगीपूर्ण जीवन शैली हम सबके लिए प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में आजादी के आंदोलन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था।  वह भारत माता  के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को हमेशा अपना आदर्श माना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में स्वर्गीय श्री शास्त्री ने कुशल प्रशासक के रूप में समय-समय पर अपने दृढ़ संकल्प का भी परिचय दिया। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय जहां बड़ी कुशलता के साथ देश का नेतृत्व किया, वहीं उन्होंने ‘जय जवान-जय किसान’ का प्रेरणादायक नारा देकर भारतवासियों में देशभक्ति की भावना का संचार किया। उन्होंने अपने इस प्रेरक नारे के जरिये मेहनतकश किसानों और सरहद पर तैनात जवानों का गौरव और मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा – राष्ट्र के निर्माण और विकास में स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि श्री लालबहादुर शास्त्री को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के 27 मई 1964 को हुए निधन के बाद देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। श्री शास्त्री ने 09 जून 1964 को प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया था। वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित अनेक राष्ट्रीय नेताओं के साथ स्वतंत्रता आंदोलन के अनेक आयोजनों में सक्रिय रूप से शामिल होते थे। इसके फलस्वरूप उन्हें कई बार जेल में भी रहना पड़ा। श्री लालबहादुर शास्त्री वर्ष 1921 के असहयोग आंदोलन, 1930 के दांडी मार्च और 1942 के भारत छोड़ों आंदोलन में भी शामिल हुए। उन्हें अंग्रेजों के विरूद्ध भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान 19 अगस्त 1942 को ब्रिटिश हुकुमत ने गिरफ्तार कर लिया था।  स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में और निधन 11 जनवरी 1966 को ताशकंद (तत्कालीन सोवियत संघ) में हुआ था।

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