कबीरधाम पुलिस का वार्षिक अपराध आंकलन बताया छेड़छाड़ शून्य

 

रवि ग्वाल (कवर्धा) कबीरधाम जिला पुलिस का वार्षिक अपराध मे कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए तथा गंभीर अपराध मे कमी को लेकर पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह ने अपनी पीठ थपथपाई है। और हत्या और हत्या के प्रयाश के मामलों में वृद्धि हुई है जिसके पीछे का कारण सामान्य विवाद ही बताया गया महिला अपराध के मामले में चरित्र संदेह के चलते अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को कबीरधाम एसपी लाल उमेंद सिंह ने प्रेस वार्ता लेकर कहा कि जिले में गंभीर अपराधों में कमी आई है।

वर्ष 2017 छेड़छाड़ में शून्य –

साथ ही जिस प्रकार देश में हो रहे महिलाओं के साथ योन उत्पीड़न/छेड़ छाड़ जिसका शिकंजा कसते हुए राज्य और देश के मुकाबले जिला पुलिस कबीरधाम 2017 में जिले में एक भी छेड़छाड़ का मामला दर्ज नहीं हुआ है और नाही छेड़छाड़ में कोई पीड़ित हुआ है जिसके चलते कवर्धा जिला कबीरधाम पुलिस की 2017 रिकॉर्ड में शून्य में दर्ज किया गया है। जोकि जिला पुलिस और जिले वासियों व सामजिक दृष्टिकोण से अच्छा संकेत है। साथ ही कामिनिटी पुलिस का लाभ अपराध नियंत्रण में हमको मिला है और जिले के नक्सल मोर्चे में भी पुलिस की कार्यवाही काफी प्रभावशाली रही है हर संभावित गाँव और क्षेत्रों में पुलिस की दखल शामिल है और आगे भी इसी प्रकार सुरक्षा की नजर में रहेगा ।

वर्ष अपराध – दिनाँक -01.01.017 से 31.1.2017 संख्या और प्रकार ।

01. हत्या – 19
02. हत्या का प्रयास – 15
03. आपराधिक मानक वघ – 02
04. बलात्कारी – 36
05.अपहरण /व्यपहरण – 60
06.डकैती – 02
07.डकैती की तैयारी व् जमाव – निरंक
08.लूट -01
09.नकबजनी -55
10.चोरी (समस्त प्रकार की)- 50
11.बलवा – 07
12.खयानत – निरंक
13.धोखाधड़ी – 24
14.जालिनोट – निरंक
15.आगजनी – 11
16.चोंट – 561
17.दहेज़ मृत्यु – 02
18.शीलभंग – 57
19.यौन उत्पीड़न / छेड़छाड़ -निरंक
20.पति/या रिश्तेदार द्धारा प्रताड़ना – 14
21.लड़कियों का आयात – निरंक
22.उपेक्षापूर्ण कार्य से मृत्यु – 71
23.अन्य भादवी – 325

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