जिला अस्पताल बना रिफर सेंटर

मुंगेली- जिला बनने के पश्चात् नगर को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के नाम पर 100 बिस्तर जिला अस्पताल का निमार्ण किया गया। संसाधनो के साथ साथ स्टाफ की कमी की वजह से यह जिला अॅस्पताल रिफर सेंटर बन कर रह गया है। जिला अस्पताल भवन में नाली एंव मर्चुरी का भी निमार्ण नही किया गया है। जिसके चलते लोगो को परेशानियों का सामना करना पड रहा है।
जिला अॅस्पताल केवल रिफर सेंटर बनकर रह गया है। आवश्यक संसाधनों के साथ-साथ सेटअप के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरो के नहीं रहने के कारण मरीजो को आज भी पुराने जिलों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। स्वीकृत 33 डॉक्टरों के पदों मे से मात्र 13 डॉक्टर उपलब्ध है वही 20 डॉक्टरों के पद रिक्त है। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी एवं एक्स-रे मशीन तो है, किन्तु विशेषज्ञों के नहीं रहने से सोनोग्राफी कराने के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। पूर्व में लोरमी के डॉक्टर को इस कार्य के लिए लगाया गया था जो हफ्ते में दो दिन अपनी सेवाएं देते थे उसके पश्चात नगर के ही निजी चिकित्सक को इस कार्य के लिए लगाया गया किन्तु समय निर्धारित नहीं होने के कारण लोगों का कार्य नहीं हो पाता है। वहीं जानकारी के अनुसार गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क में परिक्षण किया जाना है, किन्तु इनसे भी न्यूनतम शुल्क लिया जा रहा है।
जिले के 100 बिस्तर अस्पताल में डाक्टरों के कुल 33 पद स्वीकृत है इनमें से मात्र 13 डॉक्टर ही कार्यरत है। एवं 20 पद रिक्त पड़े है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिशु रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत है किन्तु एक भी शिशु रोग विशेषज्ञ पदस्थ नहीं है इसके बावजूद भी जिला अस्पताल में पोषणपुर्नवास केन्द्र में बच्चों का इलाज किया जा रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो पद स्वीकृत है किन्तु एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है मेडिकल विशेषज्ञ के दो पद भी रिक्त पड़े है। सर्जिकल विशेषज्ञ के दो पदों मे से एक पद रिक्त है। निश्चेतना विशेषज्ञ के दोनों पद रिक्त पड़े हुए है रेजियोलॉजिस्ट के एक पद स्वीकृत है। फिर भी इनकी भर्ती नहीं कि जा सकी है। पैथोलॉजिस्ट के दो पद रिक्त है। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, अस्थिरोग विशेषज्ञ के एक-एक पद रिक्त है। चिकित्सा अधिकारी के पांच पद रिक्त है रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने के कारण जिले वासियों को स्वास्थ्य के लिए आज भी रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई पर आज भी निर्भर रहना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सोनोग्राफी एवं एक्सरे के लिए भी शुल्क लिये जाने की शिकायत मिल रही है।
– सोनोग्राफी के लिए गर्भवती महिलाओं के जांच के लिए कोई शुल्क नही लिया जा रहा है, अन्य जांच के लिए आंशिक शुल्क लिया जा रहा है। एक्सरे के लिए सीनियर सिटीजन,गरीबी रेखा के नीचे आने वाले हितग्राहियों से कोई शुल्क नही लिया जा रहा है। अन्य लोगो से जीवन दीप समिति में हुए निर्णय के आधार पर शुल्क लिया जा रहा है। डाक्टरों की कमी के संदर्भ में संबंधित उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
डॉ आर के भूआर्या
सिविल सर्जन जिला अस्पताल मुंगेली

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