भीलौनी में रेत माफियाओ द्वारा किया जा रहा है रेत से सोना निकालने का खेल

०० सरपंच से लेकर थाने तक बट रही जमकर कमाई

बिलासपुर। जिला खनिज विभाग के भ्रष्ट खनिज निरीक्षक संबंधित थाना तथा गांव के सरपंच की मिली भगत से रेत का अवैध धंधा जोरो से चल रहा है। जिला मुख्यालय से 50 किमी से दूर ग्राम भीलौनी थाना क्षेत्र पचपेड़ी में खनिज माफिया गैरकानूनी तरीके से नदी में पोकलेन लगा कर प्रतिदिन 200 से ज्यादा हाईवा रेत खुदाई कर रहा है। रायल्टी के नाम पर 180 रुपये की रसीद काटी जाती है। जबकि प्रति हाईवा 1100 रुपये का धंधा होता है और जब यही रेत ग्राहक के दरवाजे उतरती है एक ट्रैक्टर 1100 रुपये का होता है। कहने को यह रेत का खेल है किन्तु कमाई कोयले के माफिक है।

जिले में अन्य किसी धंधे से करोड़पति बनने का रास्ता नही हैं किन्तु रेत के धंधे की यह विशेषता है कि जेल नही जाना पड़ता पर करोड़पति बनना निश्चित जरूर हो जाता है। यही कारण है कि गांव के सैकड़ों ट्रैक्टर और उनके मालिक रातों-रात सिर्फ इसी काम में लगे रहते है। काम का समय रात्रि 1 बजे से शुरू होता है और सुबह 4 बजे तक पुरा धंधा समाप्त हो जाता है। बताया जाता है कि भीलौनी गांव में जो व्यक्ति रेत खोद रहा है उसने सरपंच को दो लाख रुपये नगद दे रखा है। इसके पहले वह कुकुर्दी गांव में रेत खोद रहा था। आज भी वहां जाकर यह देखा जा सकता है कि नदी में अब रेत नही बची है। भीलौनी गांव में जन प्रतिनिधियों को छोड़ पुरा गांव नदी से रेत के इस अवैध खनन से खासा परेशान है। किन्तु रेत माफिया का ऐसा आतंक की कोई मुंह नही खोलता। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का मुंह तो पैसे ने पहले ही बंद कर दिया है।रेत माफिया के ऊपर कार्यवाही इसलिए नही होता क्योंकि राजनीतिक संरक्षण तो इनके ऊपर पहले से ही हैं, और अब भ्रष्ट खनिज निरीक्षक उत्तम खुटे जो कि लंबे समय से बिलासपुर में जमा हुआ है, जिसके खनिज संपदा को बर्बाद करने वाले दलालो से पुराना नाता जो है,खुटे का शानो शौकत इतने हावी हैं कि यहां जो भी खनिज अधिकारी बिलासपुर आता हैं तो इसके इसारे पर ही रहता हैं, वर्ना उसे किसी ना किसी फर्जी मामले में फसना तय रहता हैं

विभानसभा में मामला उठने के बाद भी खनिज विभाग एवं एसीबी ने साधी चुप्पी :- ज्ञात हो कि भ्रष्ट खनिज निरीक्षक के काले कारनामों को एक दैनिक समाचार पत्र नया इंडिया ने परत दर परत उजागर किया सांथ ही उक्त निरीक्षक के फर्जीवाड़े को विधानसभा में भी उठाया गया लेकिन अभी तक लंबी कार्यवाही न होने के कारण खुटे के हौसले बुलंद हैं, सूत्र बताते हैं उत्तम खुटे के खिलाफ कार्यवाही न होने पर एसीबी को भी लोंगो के प्रश्न चिन्ह का प्रमुख हिस्सा होते जा रहा हैं,खनिज विभाग में जरा सा मामला आता हैं तो एसीबी तुरंत एलर्ट हो जाती हैं छोटी छोटी कार्यवाही कर अपने ही पीठ थपथपाती हैं, पर लोगो समझ मे ये तो जरूर आ गया हैं उत्तम खुटे जैसे घोटालेबाज निरीक्षक के ऊपर आखिर एसीबी क्यो मेहरबान हैं|

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