अपर मुख्य सचिव सिंह ने की फसल बीमा योजनाओं की समीक्षा

रायपुर| कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह ने फसल बीमा योजनाओं की समीक्षा बैठक में रबी मौसम 2017-18  के दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में कम संख्या में अऋणी किसानों का बीमा होने की जानकारी मिलने पर इस संबंध में वास्तविक कारणों के साथ विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मौसम आधारित फसल बीमा योजना तथा राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।
सिंह ने बैठक में खरीफ मौसम 2017-18 में लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और अधिक व्यावहारिक तथा किसानों के लिए लाभदायक बनाने के लिए जरूरी सुझाव तत्काल देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय पर सुझाव प्राप्त नहीं होने की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि किसानों के व्यापक हित में तत्काल सुझाव भेजंे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों और उनमें संशोधन के सुझावों में संतोषजनक कारण दिए जाने चाहिए। श्री सिंह ने विभिन्न त्रुटियों के कारण खरीफ मौसम 2015 के लंबित दावा प्रकरणों के भुगतान के तत्काल निराकरण करने के लिए विभागीय अधिकारियों, बीमा एजेंसियों तथा बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया।
अपर मुख्य सचिव ने बेमेतरा जिले में खरीफ मौसम 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के  तहत एक हजार 200 किसानों के लंबित दावा भुगतान के लिए कार्यवाही करने के सख्त निर्देश रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों को दिए। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2017 में सफल कटाई प्रयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। श्री सिंह ने फसल कटाई प्रयोग की विस्तृत रिपोर्ट बीमा कंपनियों को देने तथा किसानों को समय पर बीमा दावा का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने खरीफ 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल बालोद जिले के किसानों के लंबित दावों के भुगतान की भी जानकारी ली। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि रबी मौसम 2017-18 में प्रदेश के कुल 89 हजार 193 किसानों को बीमा दायरे में लाया गया। इनमें से 43 हजार 987 किसानों की जानकारी राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल में एंट्री कर ली गई है। श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र शासन के निर्देश के अनुसार सभी बीमित किसानों की एंट्री पोर्टल पर की जानी है। वर्तमान में बीमित किसानों में से केवल 49 प्रतिशत किसानों की एंट्री हुई है, जो असंतोषजनक है। उन्होंने बैठक में उपस्थित भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों को शेष बीमित किसानों की जानकारी जिलेवार भेजने के निर्देश दिए।  श्री सिंह ने कहा कि जिन जिलों के बीमित किसानों की एंट्री पोर्टल पर नहीं हुई है, उन जिलों के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी भी तत्काल उपलब्ध करायी जाए। सिंह ने उद्यानिकी फसलों के लिए लागू मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लंबित दावा भुगतान के संबंध में संचालक उद्यानिकी को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी प्रकरणों का निराकरण किया जाए। एक सप्ताह में दावा भुगतान नहीं होने पर संबंधित बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैठक में सचिव कृषि श्री अनूप श्रीवास्तव, संचालक कृषि श्री एम.एस. केरकेट्टा, संचालक उद्यानिकी श्री नरेन्द्र पाण्डेय, संयुक्त सचिव कृषि श्री के.सी. पैकरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

 

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