प्रकृति के महत्व से लोगों को कराएं परिचित: वनमंत्री गागड़ा

०० वन विद्यालय में 73वां दीक्षांत समारोह आयोजित

रायपुर/जगदलपुर| जगदलपुर वन विद्यालय में शनिवार को 73वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित वन मंत्री महेश गागड़ा ने प्रशिक्षुओं को सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई देते हुए कहा कि वन के संरक्षण और संवर्द्धन का दायित्व बहुत बड़ा है, क्योंकि यह प्रकृति के संरक्षण का दायित्व है।

मंत्री गागड़ा ने कहा कि वन संपदा के संरक्षण के लिए आवश्यक है कि वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के आजीविका के लिए संसाधन विकसित किए जाएं, जिससे वे वन की तस्करी का कार्य न करें। इसके साथ ही इको पर्यटन को बढ़ावा देकर भी वनवासियों के बेहतर आजीविका की व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में पाया जाने वाला प्रत्येक प्राणी, वृक्ष और पौधा बहुमूल्य है तथा वृक्ष और पौधों की विशेषताओं से भी पर्यटकों को अवगत कराने की आवश्यकता है, जिससे उनके मन में इसके संरक्षण और संवर्द्धन के प्रति विचार उत्पन्न हो। उन्होंने सभी प्रशिक्षओं से पुरी निष्ठा के साथ अपने उत्तरदायित्व का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे वृक्षों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने वन के साथ वन्य प्राणियों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि वन्य प्राणी न केवल वन की शोभा हैं, बल्कि वे जैव विविधता के लिए भी आवश्यक हैं। उन्होंने वन रक्षकों को वन विभाग का आधार बताते हुए कहा कि वन्य अपराधों को रोकना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने वन के संरक्षण के लिए स्कूली और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने की अपील भी की।कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री कमलचंद भंजदेव, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी श्रीनिवास राव, श्री पीसी पाण्डे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 37 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। 73वें प्रशिक्षण सत्र में सर्वाधिक अंक लाने पर कुमारी निशा सोनी को स्वर्ण पदक तथा वन वर्द्धन एवं वनस्पिति विज्ञान में सर्वाधिक अंक के लिए सुनील कुमार धृतलहरे, वन सर्वेक्षण एवं वन अभियांत्रिकी, वन मापिकी में सर्वाधिक अंक के लिए कुमारी निशा सोनी, वन प्रबंधन एवं वन उपयोगिता में सर्वाधिक अंक के लिए कुमारी निशा सोनी एवं श्री सुनील कुमार धृतलहरे, वन सुरक्षा एवं वन विधि, मृदा एवं जल संरक्षण में सर्वाधिक अंक के लिए श्री शुभम पाण्डेय, लेखा प्रक्रिया एवं विभागीय गठन में सर्वाधिक अंक के लिए श्री सुनील कुमार धृतलहरे तथा श्री धमेन्द्र कुमार होता, वन्य प्राणी प्रबंधन एवं संयुक्त वन प्रबंधन में सर्वाधिक अंक के लिए कुमारी निशा सोनी तथा अनुशासन के लिए श्री शुभम पाण्डेय तथा श्रीमती संगीता पुजारी को रजत पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न खेलकूद परिणाम के पुरस्कार भी प्रशिक्षुओं को प्रदाय किये गए। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के तौर पर पुरुष वर्ग में श्री बुद्धदेव पल्हे एवं श्री सुरेश कुमार तथा बेस्ट डे अफसर के तौर पर श्री राकेश ध्रुव को व महिला वर्ग में कुमारी सरिता सिंह व कुमारी संध्या सिंह को सम्मानित किया गया।

 

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