सरपंच के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर पचपेड़ी पुलिस भेज रही जेल

०० पचपेड़ी पुलिस की प्रताड़ना से युवक ने की थी आत्महत्या, थाना प्रभारी के खिलाफ नहीं हुई कार्यवाही

०० सरपंचपति के आतंक से भयभीत है ग्रामीण, सरपंच ग्रामीणों को झूटे मामलों में फ़सा भेज चूका है जेल

०० पचपेड़ी पुलिस व सरपंचपति के बीच है साठगाठ, खिलाफत करने पर पुलिस द्वारा भेजा जा रहा जेल

०० पत्रकार को समाचार प्रकाशित करने पर सरपंचपति व पचपेड़ी पुलिस ने साठगाठ कर की कार्यवाही  

बिलासपुर। त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में वे दिन लद गए जब कहा जाता था की पंच में परमेश्वर बसते है, अब तो सत्ता की मद में सरपंच इतना मदहोश है कि अपने विरूद्ध शिकायत करने वालों को न केवल जेल भिजवाते है साथ वे ग्रामीण जो शिकायत करते है उन्हें जांच अधिकारी स्वयं ही प्रलोभन देकर सरपंच के विरूद्ध बयान न देने की प्रेरणा देते है। मजा तब है जब ग्रामीणों की शिकायत पर सरपंच के विरूद्ध न तो जनपद सुनेगा न ही संबंधित थाना। उल्टे यदि सरपंच अथवा उसके पति ने शिकायतकर्ताओं  के विरूद्ध एक मनगढ़त शिकायत कर दी तो ग्रामीणो का जेल जाना निश्चित है। साथ ही ग्रामीण व्यवस्था की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले की तो खैर नही है।

ऐसा प्रकरण जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर केवटांडीह, टांगर क्षेत्र के निर्दोष ग्रामीणों तथा भ्रष्ट सरपंच के बीच देखा जा रहा है। जिसमें एक तरफ 34 ग्रामीण दूसरी तरफ भ्रष्ट सरपंच और उसका पति है। अपनी अंतिम शिकायत 15 नवंबर 2017 में टांगर के ग्रामीणों ने सीईओ जनपद पंचायत मस्तुरी को बताया है की उन्होंने गांव के सरपंच के विरूद्ध शिकायत की है। जिस पर 9 नवंबर को जांच अधिकारी केके देंवागन व उनके साथ दो अन्य अधिकारी जांच पर आए। जांच शुरू करने के पूर्व ही जांच अधिकारियों ने उपसरपंच, पंच तथा हितग्रहियों को कहा की हम जैसा कहते है वैसा ही बयान दर्ज कराना। तब तो हम तुम्हें बयान की काॅपी देंगे। अन्यथा हम काॅपी नही देंगे। तुम्हे जो करवाना है करवा लों। ग्रामीणों ने जब जांच अधिकारी की इच्छा से बयान नही दिया तो उन्होंने काॅपी अब ग्रामीण अपने बयान की काॅपी लेने सीईओ कार्यालय के चक्कर काटते है। जनपद के दलाल यह कहते है कि भईया 8 बिंदुओं पर शिकायत किये हो शिकायत सच है तो भी फंड तो पंचायत का रूकेगा। तब विकास किसका रूकेगा,, गांव वाले हो मिलजुल कर समस्या निपटा लो, और सरपंच का पीछा छोड़ दो। ग्रामीणों ने यह पत्र 15 नवंबर को जनपद पंचायत सीईओ को दिया था। पत्र पर कार्यवाही करने का निर्देश है किन्तु आज तक कोई कार्यवाही नही हो रही है। ऐसा लगता है कि पंचायत व्यवस्था में जंगल राज आ गया है और जो कोई भी भ्रष्ट व्यवसथा के खिलाफ दिखेगा उसे किसी भी तरह का झुठा आरोप लगा कर जेल भेजा जाना निश्चित है।

केवटाडीह टांगर सरपंचपति के भ्रष्टाचार से त्रस्त है ग्रामीण, ग्रामीणों ने की है लोकायुक्त से शिकायत :- मस्तुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर के सरपंच पति महेंद्र सिंह राय द्वारा जनपद, तहसील एवं जिले के अधिकारियो के संरक्षण में जमकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है, सरपंच पति के भ्रष्टाचार के त्रस्त केवटाडीह टांगर के पंचो व ग्रामीणों ने सरपंच निर्मला देवी राय व पति महेंद्र सिंह राय द्वारा शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासन की कल्याणकारी योजनाओ में जमकर भ्रष्टाचार किये जाने व सरपंच निर्मला देवी के खिलाफ ग्राम पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पारित किये जाने के बाद एक माह तक पद से पृथक होकर पुनः पद पर काबिज होकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने को लेकर लोक आयोग में शिकायत कर कार्यवाही किये जाने की मांग लोकायुक्त से किया है|जिसमे लोकायुक्त ने अपर कलेक्टर, एसडीएम एवं, नायब तहसीलदार मस्तुरी को भी पार्टी बनाया है| ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर के पंचो व ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच निर्मला देवी के पति महेंद्र सिंह द्वारा अपनी सरपंच पत्नी के पद का दुरूपयोग कर द्वारा शासन की योजनाओ में जमकर फर्जीवाडा कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है| शौचालय निर्माण में सरपंच द्वारा कई अनिमितताओ को अंजाम दिया है साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में भी ग्रामीण हितग्राहियों से नकद राशि लेकर आबंटन की प्रक्रिया की जा रही है|सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों से शासन की योजनाओ का लाभ दिलाने के एवज में जमकर वसूली किया जा रहा है, ग्रामीण दुखी राम यादव ने बताया कि सरपंच द्वारा नगद 10000 लिया गया शौचालय व आवास का निर्माण स्वयं के खर्च पर किया गया है| सरपंच की मनमानी के चलते शासन की किसी भी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है वही सरपंच द्वारा कई कल्याणकारी योजनाओ में बंदरबांट कर राशि में गड़बड़ी किया जा रहा है| ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर सरपंचनिर्मला देवी द्वारा पद का दुरुपयोग कर शासन की योजनाओ में अनियमितता बरते जाने को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ 8 जून 17 को अविश्वास प्रस्ताव हेतु आवेदन दिया, जिसके बाद 23 जून 17 को पीठासीन अधिकारी तहसीलदार एवं ग्राम पंचायत सचिव, जनपद इंस्पेक्टर की उपस्थिति में सरपंच के विरुद्ध ग्राम पंचायत के 12 में से 10 पंचो ने अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जिसके बाद जनपद एवं तहसीलदार द्वारा सरपंच को पद से हटा दिया व पंचों के बहुमत के आधार पर फुलेस्वरी बाई को सरपंच पद पर पदासीन किया गया मगर फुलेश्वरी बाई के पदासीन होने के महज एक माह 3 दिन की कालअवधि के बाद जनपद व तहसील के अधिकारियो से सरपंच निर्मला देवीके पति महेंद्र सिंह द्वारा साठगाठ कर पुनः सरपंच पद पर काबिज करा दिया गया, जबकि ग्राम पंचायत के 10 पंचो ने अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था जिसके बाद उनके बिना सहमति पत्र के तहसील व जनपद के अधिकारियो द्वारा केवटाडीह टांगर सरपंच पद पर निर्मला देवी को पुनः पदासीन किया जाना सीधा-सीधा अधिकारियो व सरपंच पति महेंद्र सिंह की आपसी लेनदेन की ओर ईशारा कर रहा है| सरपंच निर्मला देवी राय व पति महेंद्र सिंह राय के काले कारनामो के पुख्ता दस्तावेजो के साथ केवटाडीह टांगर के ग्रामीणों व पंचो ने लोकायुक्त से मुलाकात कर कार्यवाही किये जाने की मांग की जिसमे दुखी राम यादव, मनसुख लाल साहू, फिरबाई, चमेलीबाई, फुलेश्वरी बाई, बुन्दराम, सुरेश, शीतल प्रसाद उपसरपंच, शांति बाई, सुखबाई, गौरी बाई सहित कई ग्रामीण शामिल थे|

 

सरपंच पति ने ग्रामीणों को फसाया झुठे मामले में :- ग्राम पंचायत केवटाडीह टांगर के पंच एवं ग्रामीणों ने जनदर्शन में सरपंच की शिकायत करते हुए आशंका जाहिर की थी कि उन्हें सरपंच एवं उसका पति जो की असामाजिक तत्व है, द्वारा किसी झुटे मामले में फसाया जा सकता है। हस्ताक्षर करने वाले तीन पचों ने बताया कि सरपंच के विरूद्ध मत देने  के कारण उन्हें एक आपराधिक मामले में फसाया भी जा चुका है | कलाराम (पंच) दिलहरण एवं चंद्रराम साहू ने बताया कि उन्हें एक एैसे ही मामले में 323,506 बी, 294 के अंतर्गत पचपेड़ी थाने में आरोपी बनाया गया। पंचों एवं ग्रामीणों द्वारा तीन माह के अंदर यह तीसरी शिकायत है। सरपंच द्वारा पद के दुरूपयोग की शिकायत लोकायुक्त तक की गई है। अविस्वास प्रस्ताव पर मामला आयुक्त न्यायालय में लंबित है यह जानकर की फेसला कभी भी आ सकता है सरपंच और उसके पति द्वारा पंचों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे समझौता कर लें। इस कारण रोज नए तरीके से थाना, कोर्ट कचहरी में स्थानीय निवासियों की झुटी शिकायत डलवा दी जाती है। इसके विपरीत जब कभी सरंपच पति की गुंडागर्दी की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की जाती है, तब पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नही की जाती है। जिससे सरपंच व उसके साथी के हौसले बुलंद है।

ग्रामीण पूर्व में ही थाने में जाकर शिकायत किएपर नही होती कोई कार्रवाई  :- 15 सितंबर 2017 को ग्रामीण एक टैक्ट्रर भरकर पंचपेड़ी थाना पहुंचे थे जहां उन्होंने सरपंच व पति के खिलाफ लिखित में शिकायत की थी जिसकी पावती पंचों एवं ग्रामीणों के पास है। जिसमें बताया गया है कि सरपंच निर्मला देवी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की जाचं के लिए जब नायब तहसीलदार आए तब पुरे ग्रामीण एकत्र हुए थे, जांच अधिकारी के चले जाने के बाद सरपंच व उसके सहयोगी महेन्द्र सिंह राय ने गांव में गलियों में घुम-घुम कर धमकाया, जान से मारने की धमकी दी, गालियां देते हुए कह रहे थे कि आज जिस किसी ने भी सरपंच के विरूद्ध बयान दिया है वो जान ले की गांव में अब उसके दिन पुरे हो गए। पंचों ने 15 सितंबर को ही थाने में सामूहिक रूप से यह शिकायत दर्ज कराई पर ग्राम जुनवानी निवासी एक कथित नेता ने स्वयं को बिलासपुर सांसद एवं मंत्री पुन्नूलाल मोहले का खास आदमी बताते हुए प्रथम सुचना रिपोर्ट दर्ज नही होने दी। ग्रामीणों ने बताया कि यही व्यक्ति एसडीएम तथा सीईओ के पास जा-जाकर सरपंच के विरूद्ध हो रही जांच को प्रभावित करता है।

पचपेड़ी पुलिस की प्रताड़ना से युवक ने की आत्महत्या, पुलिस पर नहीं हुई कार्यवाही :- चकरबेढ़ा ग्राम के युवक हेमलाल सूर्यवँशी ने पचपेड़ी पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर कीटनाशक सेवन कर लिया, मृतक के भाई रोहित भारद्वाज ने बताया कि पचपेड़ी पुलिस को हेमलाल सूर्यवँशी को अपने गांव में होने की जानकारी मिली तब पुलिस वहां पहुच कर आरोपी युवक को प्रताड़ित करते हुए थाने लाकर पूछताछ की और पैसे की मांग कर छोड़ने की बात कही, पैसे नही देने पर कार्यवाही करने का धौस दिखाने लगे| मामले की जानकारी मिलने पर आरोपी युवक हेमलाल सूर्यवँशी के बड़े भाई रोहित भारद्वाज ने हेमलाल सूर्यवँशी को पचपेड़ी पुलिस को 5 हज़ार दे मुचलके पर छुड़ाकर घर लेकर आया था| घर आने के बाद से ही हेमलाल सूर्यवँशी पुलिस की प्रताड़ना से भयभीत होकर घर मे ही कीटनाशक का सेवन कर लिया, परिजनों को हेमलाल सूर्यवँशी द्वारा कीटनाशक का सेवन किये जाने की जानकारी होने पर उन्होंने तत्काल हेमलाल को मस्तुरी स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए जहा उसकी हालत ख़राब होने पर तत्काल सिम्स ले गए, सिम्स में इलाज के दौरान हेमलाल सूर्यवँशी की मौत हो गयी| युवक हेमलाल सूर्यवँशी की मौत के बाद परिजनों ने पचपेड़ी पुलिस पर हेमलाल को प्रताड़ित करने व मामले को रफा दफा करने को लेकर पैसो की मांग किये जाने का गंभीर आरोप लगाया है| इधर पुलिस प्रताड़ना से मौत के मामले में पचपेड़ी पुलिस स्थानीय मिडियाकर्मियों को दोषी ठहरा रही थी, जबकि युवक ने थाना प्रभारी बांदे द्वारा पैसो की मांग से परेशान होकर आत्महत्या कर लिया जिसको लेकर पुलिस के आलाधिकारियो ने पचपेड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की है जो कई आशंकाओ को जन्म दे रहा है|

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