जनता काँग्रेस प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता नितिन भंसाली ने लिखा डॉ रमन सिंह को खुला पत्र  

०० जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने की ढाबा संचालकों और ठेले, खुमचों वालों पर शासन द्वारा तानाशाही पूर्ण कार्रवाई की शिकायत मुख्यमंत्री से

रायपुर| जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता, नितिन भंसाली ने ढाबा संचालकों और ठेले, खुमचों वालों पर शासन की ओर से की गई है कार्रवाई के संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को खुला खत लिखा है।

गौरतलब है कि रायपुर शहर के आसपास के ढाबों और ठेले, खुमचों पर लकड़ी को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर शासन ने रोक लगा दी है। नितिन भंसाली ने कहा कि लकड़ी को ईंधन के रूप में जलाने पर प्रदूषण होने को इस प्रतिबंध लगाने का कारण बताया जा रहा है तो वन विभाग जलाऊ लकड़ी की निलामी पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगता, उद्योगों द्वारा जो धुआँ निकलने से जो प्रदूषण फैलता है, उस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगता? प्रदूषण नियंत्रण के लिए NGT के मानकों के अनुसार लाखों टन कोयले के खपत करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करने की जरूरत है। ढाबों में ठंड के मौसम में अलाव जला कर राहत देने के लिए लकड़ी के इस्तेमाल पर शासन द्वारा रोक लगा दी गई है परन्तु तंदूर भट्टी में ईंधन के रूप में लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक नहीं है। भंसाली ने आरोप लगाया है कि शासन केवल खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर रहा है और यह कार्रवाई किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं है और शासन की तानाशाही का प्रतीक है। JCC-J प्रवक्ता नितिन भंसाली ने शासन द्वारा ऐसे तुगलकी फरमान पर तुरंत रोक लगाने के लिए सूबे के मुखिया डॉ रमन सिंह, पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत और पर्यावरण विभाग के सचिव को पत्र लिख कर ढाबा संचालकों और ठेले, खुमचों वालों को राहत देने की मांग की है।

 

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