जीवन में तरक्की के लिए परम्परागत कौशल और आधुनिक शिक्षा में समन्वय जरूरी : डॉ रमन सिंह

०० दुर्ग में बनेगा परमेश्वरी भवन’, मुख्यमंत्री ने दी 15 लाख की स्वीकृति
०० समाज में जो सबसे गरीब, डॉक्टर रमन सिंह के वह सबसे करीब
०० मुख्यमंत्री आज देवांगन समाज के सम्मेलन में शामिल हुए

दुर्ग| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि जीवन में तरक्की के लिए परम्परागत कौशल के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का होना भी जरूरी है। जो समाज इन दोनों में समन्वय बनाकर आगे बढ़ेगा, वह विकास की दौड़ में सदैव आगे रहेगा। छत्तीसगढ़ में देवांगन समाज ने इन दोनों में बेहतर तालमेल बनाकर राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। डॉ. सिंह आज यहां संभागीय मुख्यालय दुर्ग के मानस भवन परिसर में जिला स्तरीय देवांगन समाज के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समाज के अनुरोध पर दुर्ग में ‘परमेश्वरी भवन’ निर्माण के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने समाज की ओर से मेधावी बच्चों को सम्मानित किया और देवांगन समाज की स्मारिका का विमोचन किया। डॉ. सिंह ने श्रेष्ठ बुनकर के लिए राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार को देवांगन समाज के आदि पुरूष श्री दीपचंद के नाम पर रखने का भरोसा भी दिलाया। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, संसदीय सचिव श्री लखनलाल देवांगन और श्री लाभचंद बाफना, विधायक श्री अरूण वोरा, श्री सांवलाराम डाहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर, पूर्व मंत्री श्री हेमचंद यादव और पूर्व विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास यात्रा में देवांगन समाज का भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों का कपड़ा निर्माण में परम्परागत विशेषज्ञता हासिल है। राज्य सरकार ने उनकी कुशलता में और निखार लाने और निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनेक उपाय किए हैं। कर्ज से लदी बुनकर सहकारी समितियों के करोड़ो रूपए के कर्ज  वर्ष 2005-06 में माफ किए और उन्हें नए सिरे से पुनजीर्वित करने के लिए आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराए गए। आज बड़ी कामयाबी के साथ ये समितियां आगे काम कर रही हैं। सरकारी कार्यालयों के साथ लगभग 54 लाख स्कूली बच्चों के गणवेश निर्माण के लिए कपड़ों की खरीदी इन्ही समितियों से होती है ताकि बुनकरों को काम और रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकरी व्यवसाय को भी कौशल उन्नयन योजना में शामिल किया गया है। हजारों नौजवान आज आधुनिक तकनीक और डिजाईन सीख कर लाखों की कमाई कर रहे हैं। राज्य सरकार अपने खर्चे से उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बगैर किसी  भेद-भाव के राज्य के समावेशी विकास में पूरी कटिबद्धता के साथ राज्य सरकार काम कर रही है। इसमें जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है। विकास के मामले में हमारे लिए जाति अथवा धर्म कोई मायने नहीं रखते बल्कि विकास के लिए एकमात्र आधार समाज में गरीबी  दूर करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कहा कि समाज में जो भी आदमी सबसे गरीब है, वह डॉक्टर रमन सिंह के सबसे करीब है। और उन्हें गरीबी के दुष्चक्र से निकाल कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा एकमात्र लक्ष्य है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने देवांगन समाज सहित सभी समाजों को मजबूत करने का संकल्प लिया है। इसके लिए अनेक हितग्राही मूलक योजनाएं शुरू की हैं। इनका लाभ उठाकर अपने जीवन को खुशहाल बनाएं। संसदीय सचिव श्री लखनलाल देवांगन ने बुनकरों के पुराने करोड़ों रूपयों के कर्जमाफ सहित बुनकरों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किए। देवांगन समाज के जिला अध्यक्ष श्री पुराणिक देवांगन ने स्वागत भाषण दिया और पार्षद श्री दिनेश देवांगन ने आभार व्यक्त किया।
 

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