कोर्ट ने दिए अंकित गौरहा को लोकायुक्त जाने के निर्देश

०० प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग के तीन अधिकारियों पर है, भ्रष्टाचार का आरोप

बिलासपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना में संजय शर्मा, वरूण राजपूत और शेष नारायण पाठक ने करोड़ो का घपला किया है और उनके विरूद्ध जांच होनी चाहिए इस आशय के आरोपो के साथ एक रिटपिटिशन अंकित गौरहा ने माननीय उच्च न्यायालय में पेश की थी। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका निरार्कित कर दी की शिकायतकर्ता पहले लोकायुक्त जाए। वहां से यदि जांच नही होती है तो न्यायालय इस मामले पर सुनवाई करेगा।

याचिकाकर्ता अंकित गौरहा वर्ष 2015 से छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में थे और उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क में पदस्थ संजय शर्मा के विरूद्ध गंभीर आरोप लगाए थे। उनके ऊपर भयादोहन की शिकायतें भी हुई थी। आरोपों से व्यथित होकर अंकित गौराहा ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस से इस्तीफा देकर अपने सथियों के साथ कांग्रेस प्रवेश किया था तब उन्होंने पत्रकार वार्ता लेकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मजीत के विरूद्ध आरोप भी लगाए थे। सूत्र बताते है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क में पदस्थ संजय शर्मा कांग्रेस नेता बसंत शर्मा के भाई है और इसी विवाद के कारण अंकित गौरहा ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सेइस्तीफा दे दिया था। विभाग के अन्य इंजीनियर शेष नारायण पाठक के आवास पर एन्टी करप्शन ब्यूरो का छापा भी पड़ा था। उनके विरूद्ध जिला अदालत में चालान प्रस्तुत है और कोर्ट से गिरफ्तारी वारेंट जारी हुआ अभियुक्त पाठक फरार बताए जाते है। सूचना के अधिकार के तहत अंकित गौरहा ने संजय शर्मा और वरुण राजपूत के विरूद्ध गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बार-बार कहा था न्याय के लिए पार्टी बदल सकता हु लेकिन भ्रष्टाचार तथा उसे श्रेय देने वालो का साथ नही दे सकता। किन्तु अंकित गौरहा आज तारिख तक लोकायुक्त नही गए इससे उनकी राजनैतिक इमानदारी पर प्रश्न चिन्ह लगता है ??

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