14 साल में इतना लचर अविश्वास प्रस्ताव नहीं देखा : रमन सिंह

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा, जिसे अध्यक्ष ने मान लिया। सदन में चली बहस के बाद विधानसभा में ही मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि बीते 14 साल में मैंने इतना लचर अविश्वास प्रस्ताव कभी नहीं देखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने 168 बिंदुओं का प्रस्ताव सदन में पेश किया है। कांग्रेस जिन बिंदुओं पर अविश्वास जता रही है, वह निराशाजनक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी बिंदुओं पर जवाब देंगे, बस हम इतना चाहते हैं कि चर्चा के दौरान कांग्रेस सदस्य भागकर न जाए।इससे पहले जब सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई तो कांग्रेस की ओर से विधायक धनेंद्र साहू ने भाषण की शुरुआत की, जैसे ही धनेद्र साहू ने जैसे ही बोलना शुरु किया तो मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब ओपनर ऐसा हो तो अविश्वास प्रस्ताव की धार का अंदाजा लगाया जा सकता है।इस पर धनेंद्र ने पलटवार करते हुए कहा कि धार और तेल की धार दोनों देखे। मैं तेली हूं, इस पर कांग्रेस विधायक अमरजीत ने कहा कि तेली की बात ना करें, एक तेली पूरे देश का तेल निकाल रहा है।

चंद्राकर ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध किया :- सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर सदन में चर्चा हो चुकी है उस पर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे ने भी इस बात को दोहराया।इस पर विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि जो भी चीजें दोहराव में आई हैं, लगातार चलने वाली है, जैसे बिजली घोटाला आदि, इसलिए उस पर चर्चा जरूरी है। आखिर में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में आरोप पत्र के विषय तय करने का अधिकार विपक्ष का है, इसलिए मैं अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार करता हूं।

 

 

error: Content is protected !!