विधानसभा सत्र : विभागीय मंत्रियों ने पत्रों को विधान सभा के पटल पर रखा   

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को पत्रों को पटल पर रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 6 की उप धारा एक के अनुसार वर्ष 2017-18 के बजट की प्रथम और द्वितीय तिमाही की आय और व्यय की प्रवृत्तियों की समीक्षा पटल पर रखी।
स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2008 (क्रमांक 21 सन 2008) की धारा 40 की अपेक्षानुसार पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विज्ञान छत्तीसगढ़ का वार्षिक प्रतिवेदन सत्र 2016-17 को पटल पर रखा। तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 की धारा 34 की अपेक्षा अनुसार छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2015-16 पटल पर रखा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 की धारा 41 की उपधारा 2 की अपेक्षानुसार अधिसूचना को पटल पर रखा। उन्होंने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 की धारा 30 की उपधारा (3) की अपेक्षा अनुसार अधिसूचना द्वारा अधिसूचित छत्तीसगढ़ सूक्ष्म एवं लघु उद्यम फैसीलिटेशन काउंसिल नियम, 2017 पटल पर रखा। खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 40 की उपधारा (3) की अपेक्षा अनुसार अधिसूचना द्वारा अधिसूचित छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पारदर्शिता और जवाबदेही) नियम, 2017 पटल पर रखा। उन्होंने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 395 की उपधारा (1) के पद (बी) की अपेक्षानुसार छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2014-15 पटल पर रखा।

छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक पारित :- छत्तीसगढ़ विधानसभा के तीसरे दिन गुरुवार को दूसरा संशोधन विधेयक पारित हुआ है। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, 2017 को सदन में पारित कराने के लिए प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा के बाद इसे पारित किया गया। सदन में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, 11 धाराओं में संशोधन किया जा रहा है। निर्माताओं को मंडी की परिधि में लाकर सुविधाएं देने के लिए ये प्रावधान जोड़े जा रहे हैं। मंडी टैक्स को समाप्त किया जा रहा है। इससे किसान कहीं भी अपनी सब्जी और फल बेच सकेगा। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि संशोधन में ये नहीं जोड़ा गया है चुनाव पांच वर्ष में नियमित रूप से किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित :- विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, 2017 पारित हो गया। सत्तापक्ष की ओर से इस प्रस्ताव को राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डे ने पारित कराने के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विपक्ष ने विधेयक का विरोध कर हंगामा करना शुरु किया। इस दौरान विपक्ष की ओर से वोटिंग की मांग की गई। सदन में मतविभाजन के बाद विधेयक के पक्ष में 43 और विपक्ष में 31 वोट पड़े। बहुमत मिलने पर छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2017 पारित हो गया। विपक्ष की ओर से इस विधेयक का विरोध किया जाता रहा। विपक्ष ने सदन में ही नारेबाजी शुरु कर दी। इसके बाद विपक्ष की ओर से बहिर्गमन किया गया।

 

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