बसंत शर्मा के विरूद्ध दर्ज हो सकता है एक नया मामला

०० पार्थ शिक्षण समिति के अध्यक्ष बसंत शर्मा, सरकंडा थाना तथा एक मिडिया संस्थान को जारी किया नोटिस

०० झुठा शपथ पत्र पेश करने का है मामला, उच्च न्यायालय में देना है जवाब

बिलासपुर। पार्थ शिक्षण समिति के अध्यक्ष बसंत शर्मा को उच्च न्यायालय ने एक झुठा शपथ पत्र पेश के करने के मामले में नोटिस देकर उपस्थित होने कहा है साथ ही सरकंडा थाना तथा एक मिडिया संस्थान को भी नोटिस जारी किया। पुरा मामला छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रवक्ता मणीशंकर पांडे द्वारा दायर की गई याचिकाओं से जुड़ा हुआ है। डीएलएस कालेज के संचालक बसंत शर्मा ने मणीशंकर के विरूद्ध भयादोहन की एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने स्वयं को भयादोहन का शिकार बताते हुए मणीशंकर को पांच लाख रुपये देना बताया पूरे मामले के विडियो फुटेज भी सौंपे गए।

सरकंडा थाने ने मणीशंकर पांडे के विरूद्ध मामला दर्ज किया। अपनी गिरफ्तारी का भय देखकर मणीशंकर ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई जहां उन्होंने एक आवेदन पत्र भी दिया, जिसमें उन्होंने सिरगिट्टी थाने में दिया गया एक ओवदन बताया और कहा की बसंत शर्मा के द्वारा उन्हें फसाये जाने आशंका पूर्व में ही थी और उन्होंने इससे संबंधित थाने को अवगत कराया था। मणीशंकर की अग्रिम जमानत याचिका पर बसंत वर्मा ने अपने अधिवक्ता द्वारा आपत्ति कराई, तभी मणीशंकर द्वारा सिरगिट्टी थाने में दिए गए आवेदन की तिथी में ओवर राईटिंग का मामला आया। न्यायाधिश ने अग्रिम जमानत आवेदन खारिज किया और पृथक से टैम्प्रिंग के मामले में एक एफआईआर का आदेश दिया। मणीशंकर उच्च न्यायालय गए जहां से उन्हें अग्रिम जमानत प्राप्त हुई। इसी दौरान पांडे ने सत्र न्यायालय में बसंत शर्मा द्वारा पेश शपथ पत्र की सच्चाई की जांच के लिए एक मामला पेश किया। शपथ पत्र पर बसंत शर्मा अपनी सच्चाई यहां नही बता पाए। न्यायालय ने झुठा शपथ पत्र पेश करने के कारण सरकंडा थाने को जांच के निर्देश दिए। चुंकी मणीशंकर पांडे द्वारा उच्च न्यायालय में पेश 482 के तहत सभी प्रकरणों में स्टे था। इसलिए पांडे ने बसंत शर्मा के विरूद्ध भा.द.वी. की 181,191,192,193,195,196 के तहत अपराध दर्ज करने के संदर्भ में फिर से उच्च न्यायालय में पिटिशन फाईल की। उक्त सभी धाराओं में प्रकरण दर्ज हो जाने पर सुनवाई सत्र न्यायालय द्वारा होती है और दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक से दंडित किया जा सकता है।

डीएलएस कालेज बना शिकायतों का अखाड़ा :- वर्ष 2017 में आपराधिक मामलों में भयादोहन से लेकर अपहरण और मारपीट तक की शिकायते इस कालेज के प्रबंधन और शैक्षणीक स्टाफ के विरूद्ध हुई। नैक की टीम को बंधक बना कर डराने धमकाने की शिकायत नैक टीम ने दर्ज कराई। जिसकी जाचं अभी तक लंबित है। मामला इसी बिंदु पर अटक गया कि पुलिस पीड़ित का बयान लेने पीड़िता के पास जाएगी या पीड़िता को बुलाएगी। इसी मामले में बसंत शर्मा ने बिलासपुर विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार इंदु अनंत के विरूद्ध एक परिवाद दर्ज कराया है। उसमें भी न्यायालय ने पुलिस को पूरे प्रकरण की जांच नए सिरे से करने के निर्देश दिए है। इस पर भी पुलिस द्वारा कार्यवाही लंबित है। पूरे सत्र कालेज में अध्ययन की जगह एफआईआर का खेल खेला गया है। आखिर रिकार्डिंग में जिस पांच लाख रुपये को बसंत शर्मा मणीशंकर पांडे को दे रहे है उसमें रुपये देने की दृष्य तो कैद है किन्तु पांच लाख रुपये की जब्ती आज तक नही हुई, चूँकि मामले पर उच्च न्यायालय का स्थगन है।

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