प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार संविधान पलटना चाहती है वो एक फासीवादी पार्टी है : प्रशांत भूषण

०० अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर के जी कन्नाबीरन स्मृति व्याख्यान का किया गया आयोजन

०० मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे वसंत कन्नाबीरन, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण

बिलासपुर| छत्तीसगढ़ पीयूसीएल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आज “के जी कन्नाबीरन स्मृति व्याख्यान” का आयोजन किया साथ ही इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय के संघर्ष के लिए समर्पित अधिवक्ताओ को सम्मानित किया किया है| इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वसंत कन्नाबीरन, सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं लेखक सहित मुख्य वक्तागणों में प्रशांत भूषण अधिवक्ता सुप्रीमकोर्ट, रवि नायर, गोपालकृष्ण, वी सुरेश शामिल हुए|

छत्तीसगढ़ पीयूसीएल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आज “के जी कन्नाबीरन स्मृति व्याख्यान” का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर कार्य करने और अपनी भूमिका निभाने के साथ ही जनता के सेवा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मानव अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए जनता को आगे आना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो को लेकर कहा कि विकास का मुद्दा अब पुराना हो गया तो जातिवाद और मंदिर मस्जिद के मुद्दे पर उतर आए हैं। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार संविधान पलटना चाहती है वो एक फासीवादी पार्टी है और वैसा ही संविधान बनाना चाहते हैं । दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच चल रहे नुरा कुश्ती को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों ही सरकारें लोकपाल बिल पर अपनी सहमति नहीं दे रहे है। ईवीएम की गड़बड़ी के सवाल पर प्रशांत भूषण ने कहा कि ये गड़बड़ी तो होनी ही थी क्योंकि इसके लिए कोई पुख्ता तैयारी नहीं की गई थी। उन्होंने चुनावी  खर्च को लेकर भी प्रधानमंत्री के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। दिल्ली सरकार में शामिल होने के सवाल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अरिवंद केजरीवाल की पार्टी में अब नीतियां बदल गई है वो पार्टी केवल उन्हीं के एकाधिकार पर चल रही है ऐसे में उस पार्टी में नहीं जा सकता हूँ। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पीयूसीएल द्वारा आज “के जी कन्नाबीरन स्मृति व्याख्यान” व सम्मान समारोह आज सामुदायिक भवन, राजेन्द्र नगर चौक, सिन्धी कालोनी गेट बिलासपुर में आयोजित किया गया| गौरतलब है कि श्री के जी कन्नाबीरन आंध्रप्रदेश के जाने माने अधिवक्ता एवं मानव अधिकार कार्यकर्त्ता थे, यह दिवस के जी कन्नाबीरन की स्मृति में मनाया गया ताकि उनके तीन दशक लम्बे संघर्ष जिसमे उनके द्वारा दी गयी भारत के संविधान के समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतान्त्रिक ढांचे को ढहने की राज्य कार्पोरेट फासीवाद की संयुक्त शांति के खिलाफ साहसिक लड़ाई को आज के समय में आगे ले जाने वाले अधिवक्ताओ को सम्मान दिया जा सके| इस दिवस पर मानवाधिकारो के संरक्षण में वकीलों और न्याय्पलिकाओ की भूमिका” रोहिग्या मुस्लिम, आधार कार्ड जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की जायेगी साथ ही इन मुद्दों पर “रैला कलेक्टिव” जो कि पुरे देश के सांस्कृतिक कार्यकर्ताओ और स्वतंत्र कलाकारों का एक समूह है के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गयी|

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से मिले अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के पदाधिकारी :- अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश पदाधिकारीयो सहित सैकड़ो सदस्यों ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से मुलाक़ात कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागु किये जाने की मांग की| इस दौरान अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा, राकेश सिंह परिहार, शराफत अली, अमित संतवानी जिला अध्यक्ष बिलासपुर सहित सैकड़ो की संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे|

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