पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 5 महिला समेत 7 नक्सली ढेर

रायपुर/राजनांदगांव| छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। नवम्बर अंत से लेकर दिसम्बर की शुरूआत तक क्षेत्र में आतंक मचा रहे नक्सलियों को मुठभेड़ में पुलिस ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

फोर्स ने आमने सामने की मुठभेड़ के बाद सिरांचा तहसील के झिंगानुर थाना क्षेत्र में 7 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों में 5 महिला नक्सली हैं। गढ़चिरौली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात पुलिस को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। झिंगानुर क्षेत्र में पुलिस ने इस खबर के बाद जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़़ी को रवाना किया। देर रात जंगल के भीतर पुलिस का नक्सलियों से आमना-सामना भी हो गया। दोनों ओर से गोलीबारी के बाद जब दूसरी ओर से फायर होना बंद हुआ तो पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। पुलिस को जंगल में सात नक्सलियों के शव मिले हंै। सातों हार्डकोर नक्सली हैं। हालांकि अभी इनके नाम का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए सात नक्सलियों में पांच महिला नक्सली हैं। सर्चिंग के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियार और दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद किया है। नक्सलियों ने अपने प्रभाव वाले इलाके में 2 से लेकर 8 दिसम्बर तक पीएलजीए सप्ताह का आयोजन किया था। इस दौरान वो बड़ी संख्या में जमा होकर बंद का आव्हान भी कर रहे थे। ऐसी ही मौजूदगी की सूचना पर पुलिस ने उनके खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। नक्सलियों ने राज्य की सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पिछले कुछ दिनों से लगातार आतंक मचाकर रखा था। ग्यारहपïत्ती क्षेत्र में बारूदी सुरंग विस्फोट में सीआरपीएफ के एक जवान की शहादत से पहले कोडगुल तहसील क्षेत्र के सोमपुर में बाजार के बंदोबस्त में लगे जवानों को निशाना बनाकर बारूदी सुरंग विस्फोट किया गया था। इस घटना में घायल जवान सुरेश गावड़े की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इससे पहले गढ़चिरौली जिले के धनोरा में सुरेश तोप्पा नाम के युवक की मुखबिरी के शक में कुल्हाड़ी से वारकर हत्या कर दी गई थी। इससे दो दिन पूर्व धनोरा के बाजीराव जांगी की हत्या कर उसका शव राजनांदगांव जिले के औंधी के राममनोरा गांव में फेंक दिया गया था। इससे पहले भी 21 नवंबर को झाड़ापापड़ा गांव के साप्ताहिक बाजार में मुर्गा लड़ाई देख रहे सुनील पवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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